श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया गया। इस दौरान सीएम उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद थे। पूरा वंदे मातरम गाए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कार्यक्रम का वीडियो एक्स पर शेयर करते हुए सहयोगी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस से पार्टी के साथ खड़े होने की अपील की। वहीं, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे वंदे मातरम पर उसकी आपत्ति से साफ है कि कांग्रेस 21वीं सदी की नई मुस्लिम लीग बन गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस बोली- वंदे मातरम गाना या कितना गाना है, यह लोगों की पसंद वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम के उसी संस्करण को गाया जाना चाहिए, जिसे उस समय अपनाया गया था। इस संस्करण को जानबूझकर इसलिए चुना गया था, ताकि गीत को सांप्रदायिक रंग देने से बचाया जा सके। कांग्रेस की इस अपील पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता बशीर अहमद ने कहा कि गठबंधन सहयोगी होने के नाते कांग्रेस यह तय नहीं कर सकती कि वंदे मातरम गाना है या कितना गाना है। उन्होंने कहा कि वेणुगोपाल को ट्वीट करने का अधिकार है, लेकिन वह अपना फैसला थोप नहीं सकते। यह लोगों की पसंद का मामला है और उनकी पार्टी किसी पर कुछ थोपने के खिलाफ है। कांग्रेस ने तय किया था- राष्ट्रीय गीत के केवल दो अंतरे गाए जाएंगे कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने ऐलान किया था कि पार्टी अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाएगी। यह फैसला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर हुए विवाद के बाद आया। कांग्रेस का यह फैसला बीजेपी के उन आरोपों के बाद आया था, जिसमें बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं पर पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम का पूरा संस्करण नहीं गाकर उसका अपमान करने का आरोप लगाया था। 2026 वंदे मातरम के अपमान पर कानून बना