सीकर में सोमवार को ABVP पदाधिकारियों ने शेखावाटी यूनिवर्सिटी के कैंपस में विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामलों में SFI नेताओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन करेगा। साथ ही ABVP ने नई शिक्षा नीति का विरोध करते हुए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। पदाधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रदेश में कई जगह स्थाई फैकल्टी और प्रिंसिपल नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जेन-जी के जुड़ने से संगठन में नए विचार आएंगे- ABVP यूनिवर्सिटी के ABVP इकाई अध्यक्ष नवीन झाझड़िया, मंत्री राजाराम घील और प्रांत कार्यसमिति सदस्य रेणुका चौधरी ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनावों में ABVP की जीत ने संगठन को मजबूती देने का काम किया है। जेन-जी के जुड़ने से संगठन में नए विचार आएंगे। ABVP ने आज छात्रसंघ चुनाव सहित 5 सूत्रीय मांगों और छात्र संगठन SFI नेताओं पर परीक्षाओं में धांधली करने व नक्सलवाद फैलाने के आरोप लगाए। नई एजुकेशन पॉलिसी की वजह से अब रिजल्ट्स हो रहे लेट ABVP के सोशल मीडिया प्रांत सहसंयोजक विकास गुर्जर ने कहा कि नई एजुकेशन पॉलिसी की वजह से अब रिजल्ट्स लेट हो रहे हैं। प्रदेश स्तरीय आह्वान पर पूरे प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव करवाने, समान एकेडमिक कैलेंडर लागू करने, फैकल्टी के खाली पदों पर नियुक्तियां करने, सरकारी कॉलेजों में रेगुलर प्राचार्यों की नियुक्ति तथा सभी यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा विभाग स्थापित करने की मांग की गई है। SFI के नेता बैनर-पोस्टर फाड़ने का करते हैं काम प्रांत जनजाति कार्य सहप्रमुख सतवीर लोयल ने कहा कि SFI नक्सली मानसिकता का संगठन है। शेखावाटी यूनिवर्सिटी में परीक्षा के दौरान पेपर फाड़ने के आरोपियों पर कार्रवाई हुई तो SFI वाले नेताओं ने छात्रहितों की बात शुरु कर दी। जब भी दीक्षारंभ समारोह, दीक्षांत समारोह और ज्ञान सभा जैसे कार्यक्रम होते हैं तो SFI के नेता बैनर-पोस्टर फाड़ने का काम करते हैं। ऐसी घटनाओं में शामिल SFI नेताओं पर कार्रवाई के लिए यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार को ज्ञापन दिया गया है।