अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में शुक्रवार को हुए मतदान के साथ शहर की सरकार का फैसला ईवीएम में बंद हो गया। निगम चुनाव में कुल 4 लाख 38 हजार 39 मतदाता थे, जिनमें से 2 लाख 86 हजार 823 ने वोट डाला। कुल मतदान 65.48% रहा। यानी 1 लाख 51 हजार 216 मतदाता मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचे और 34.52% मतदाताओं ने वोट नहीं डाला। नए आंकड़ों के बाद प्रमुख राजनीतिक चेहरों से जुड़े वार्डों की तस्वीर भी बदली है। इन छह प्रमुख वार्डों में मतदान 53.66% से 68.84% के बीच रहा। यानी सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान के बीच 15.18 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। अनीता भदेल के वार्ड-45 में सबसे ज्यादा 68.84% अजमेर दक्षिण का वार्ड-45 पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक अनीता भदेल के राजनीतिक क्षेत्र से जुड़ा है। यहां 5,177 मतदाता हैं, जिनमें से 3,564 ने वोट डाला। कुल 68.84% मतदान हुआ। यह निगम के औसत 65.48% से 3.36 प्रतिशत अंक ज्यादा है। इस वार्ड में कांग्रेस के ऋषि बंशीवाल और भाजपा के राकेश कुमार के बीच मुकाबला माना जा रहा है। प्रमुख नेताओं से जुड़े वार्डों में यही सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशत रहा। द्रौपदी कोली के वार्ड-44 में भी औसत से ज्यादा वोटिंग अजमेर दक्षिण का वार्ड-44 भी चुनावी लिहाज से अहम है। यह वार्ड कांग्रेस की नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली से जुड़ा है। यहां 3,652 मतदाताओं में से 2,460 ने मतदान किया। कुल 67.36% वोटिंग हुई। यह निगम के औसत से 1.88 प्रतिशत अंक ज्यादा है। वार्ड में भाजपा की ज्योति पालीवाल और कांग्रेस की पुष्पा राजोरिया के बीच मुकाबला माना जा रहा है। देवनानी के वार्ड-4 में अब 63.55% मतदान, औसत से 1.93 अंक कम अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र का वार्ड-4 विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का वार्ड है। चुनाव से पहले से ही यह वार्ड राजनीतिक रूप से हॉट सीट बना हुआ है। भाजपा छोड़ चुके दो बार के मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने अपनी पत्नी हेमा गहलोत को मैदान में उतारा है। वार्ड में 5,004 मतदाता हैं, जिनमें से 3,180 ने मतदान किया। कुल 63.55% वोटिंग हुई। यह निगम के औसत 65.48% से 1.93 प्रतिशत अंक कम है। इस वार्ड की सबसे अहम राजनीतिक बात यह रही कि कांग्रेस ने यहां अपना प्रत्याशी नहीं उतारा और धर्मेंद्र गहलोत को समर्थन दिया। दूसरी ओर भाजपा ने मोनिका जैन को मैदान में उतारा। ऐसे में वार्ड-4 का परिणाम सिर्फ प्रत्याशियों के बीच मुकाबले के तौर पर नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक ताकत की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। जयपाल के वार्ड-65 में 63.02% वोटिंग अजमेर उत्तर का वार्ड-65 शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल का वार्ड है। यहां कुल 4,527 मतदाता हैं, जिनमें से 2,853 ने मतदान किया। कुल 63.02% वोटिंग हुई। यह निगम के औसत से 2.46 प्रतिशत अंक कम है। कांग्रेस ने यहां पूर्व पार्षद और कांग्रेस नेता नौरत गुर्जर को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने मंडल अध्यक्ष रचित कच्छावा को प्रत्याशी बनाया है। रलावता के वार्ड-70 में 53.66% मतदान, औसत से 11.82 अंक कम अजमेर उत्तर का वार्ड-70 कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह रलावता का वार्ड है। रलावता विधानसभा चुनाव में वासुदेव देवनानी के सामने चुनाव लड़ चुके हैं। इस वार्ड में 5,030 मतदाता हैं, जिनमें से 2,699 ने वोट डाला। कुल 53.66% मतदान हुआ। यह निगम के औसत 65.48% से 11.82 प्रतिशत अंक कम है। कांग्रेस ने सीता गुर्जर को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने पूर्व पार्षद योगेश शर्मा के भाई की बहू उमा पंडित को प्रत्याशी बनाया है। प्रमुख राजनीतिक चेहरों से जुड़े छह वार्डों में यह दूसरा सबसे कम मतदान प्रतिशत रहा। रमेश सोनी के वार्ड-12 में 59.13% वोटिंग अजमेर भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी के वार्ड-12 में नए आंकड़ों के बाद मतदान 59.13% रहा। वार्ड में 2,672 मतदाता हैं, जिनमें से 1,580 ने मतदान किया। यह निगम के औसत 65.48% से 6.35 प्रतिशत अंक कम है। रमेश सोनी इसी वार्ड से पहले पार्षद रह चुके हैं। इस बार उन्होंने अपनी पत्नी रंजना सोनी को चुनाव मैदान में उतारा है। स्थानीय स्तर पर बताया गया कि वार्ड के कई मतदाता अब शहर के दूसरे हिस्सों में रहते हैं, लेकिन उनका वोट इसी वार्ड में दर्ज है। ऐसे में बाहर रह रहे मतदाताओं के मतदान के लिए नहीं पहुंचने को कम वोटिंग की एक वजह माना जा रहा है। अब तस्वीर क्या कहती है? नए आंकड़ों में अनीता भदेल से जुड़े वार्ड-45 में सबसे ज्यादा 68.84% मतदान हुआ, जबकि इन छह प्रमुख राजनीतिक चेहरों से जुड़े वार्डों में महेंद्र सिंह रलावता के वार्ड-70 में सबसे कम 53.66% वोटिंग रही। वहीं वासुदेव देवनानी के वार्ड-4 में 63.55%, द्रौपदी कोली के वार्ड-44 में 67.36%, राजकुमार जयपाल के वार्ड-65 में 63.02% और रमेश सोनी के वार्ड-12 में 59.13% मतदान हुआ।