अलवर में सोमवार सुबह से ही तेज धूप खिली हुई है। सूरज निकलने के साथ ही गर्मी और उमस का असर शुरू हो गया। दिन चढ़ने के साथ तापमान और बढ़ने की संभावना है। फिलहाल आज और कल यानी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बारिश के कोई आसार नहीं हैं। पिछले पांच दिनों से बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। दिन में उमस बढ़ने के साथ गर्मी का असर भी तेज हो जाता है। ऐसे में लोगों को बारिश का बेसब्री से इंतजार है। मौसम विभाग के अनुसार 31 अगस्त और 1 सितंबर को कोई चेतावनी नहीं है। दोनों दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं 2 से 5 सितंबर तक मौसम में बदलाव हो सकता है। इस दौरान बारिश या गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 2 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री, 3 और 4 सितंबर को 33 डिग्री और 5 सितंबर को 36 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। मानसून पिछले साल की तुलना में कमजोर अलवर में अब तक 431.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 453.2 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस तरह बारिश सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम है। इस साल अलवर जिले में मानसून पिछले साल की तुलना में कमजोर रहा है। पिछले साल अच्छी बारिश के चलते सिलीसेढ़ झील लबालब भर गई थी और करीब 3 से 4 इंच की चादर चली थी, जिसका पानी जयसमंद तक पहुंचा था। रूपारेल नदी में भी अच्छा बहाव रहा था, जिसका फायदा जयसमंद और भरतपुर क्षेत्र को मिला था। इस बार कमजोर मानसून के चलते सिलीसेढ़ झील पूरी तरह नहीं भर पाई है और अभी भी कई फीट पानी की कमी है। सरिस्का और भरतरी क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से रूपारेल नदी में भी पानी की आवक बेहद कमजोर रही है। जिले के कई बांधों में भी पानी की आवक कम हुई है और कई बांध सूखे पड़े हैं।