बांसवाड़ा में जिला अभिभाषक संघ बांसवाड़ा के आह्वान पर नवीन न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं और पक्षकारों के लिए मूलभूत सुविधाओं के अभाव तथा विभिन्न न्यायोचित मांगों के समाधान को लेकर चल रहे आंदोलन के पांचवें दिन मंगलवार को वकीलों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। निर्धारित कार्यक्रम के तहत नवीन न्यायालय परिसर के धरना स्थल पर “न्यायिक परिसर में अव्यवस्थाओं” का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। बोले- बैठने की व्यवस्था भी नहीं ​संघर्ष समिति के संयोजक मनोसिंह चौहान ने बताया कि यह आंदोलन वकीलों और पक्षकारों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर पिछले 27 अगस्त को नई कोर्ट बिल्डिंग शुरू हुई तब से अनवरत चल रहा है। उन्होंने बताया कि कोर्ट की संख्या और अधिवक्ताओं की भारी भरकम तादाद के मुकाबले नाममात्र की टेबल और कुर्सियां उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो कि वकीलों की संख्या से आधी भी नहीं हैं। इसके अलावा पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, महिला अधिवक्ताओं के लिए बैठने की अलग से व्यवस्था, लाइब्रेरी, बार कक्ष और टाइपिस्टों के बैठने जैसी प्राथमिक सुविधाएं तक नवीन परिसर में नदारद हैं। ​अभिभाषक संघ ने स्पष्ट किया कि यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किसी भी न्यायिक अधिकारी के व्यक्तिगत सम्मान या पद की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी की ओर जिम्मेदार प्राधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया है। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता हीरालाल जैन, भागवत पुरी, अशोक मेहता, यशपाल गुप्ता, सुशील जैन, भालचंद नगर, राजीव जोश, युवा अधिवक्ता जागीर गौरी, समर पण्डया, हीरालाल राठौड़, कमलेश डिंडोर, राजेंद्र पुरोहित व संघर्ष समिति अध्यक्ष मनोज सिंह चौहान, अनीता शाह, विवाह चंचावत सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता अनुशासित ढंग से एकजुट होकर मौजूद रहे।