बाड़मेर में दूध की गुणवत्ता को लेकर हुई जांच में 5 डेयरियां खाद्य मानकों पर खरी नहीं उतरीं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग डेयरियों से दूध के सैंपल लेकर जोधपुर लैब भेजे थे। जांच रिपोर्ट में सभी 5 सैंपल नॉन-स्टैंडर्ड पाए गए हैं। अब विभाग इन रिपोर्ट के आधार पर संबंधित डेयरियों के खिलाफ मामले तैयार कर कोर्ट में पेश करेगा। दरअसल, प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बाड़मेर में दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता की जांच के लिए अलग-अलग डेयरियों का निरीक्षण किया गया था। संदिग्ध पाए जाने पर मैसर्स भावना दूध डेयरी, मैसर्स खीवराज दूध डेयरी, मैसर्स मां वांकल दूध डेयरी, मैसर्स महादेव दूध डेयरी और मैसर्स जंभेश्वर दूध डेयरी, शिव नगर से दूध के सैंपल लिए गए थे। सभी सैंपल नियमानुसार जांच के लिए फूड लेबोरेट्री जोधपुर भेजे गए। वहां जांच के बाद दूध और दूध प्रोडक्ट्स के सभी 5 नमूने निर्धारित खाद्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए और उन्हें नॉन-स्टैंडर्ड घोषित किया गया। रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट में पेश होगा मामला फूड इंस्पेक्टर अब लैब रिपोर्ट के आधार पर संबंधित डेयरियों के खिलाफ मामले तैयार करेगा। इसके बाद इन्हें संबंधित कोर्ट में पेश किया जाएगा। विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी CMHO डॉ. बिश्नोई ने बताया कि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहा है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और नियमित रूप से अलग-अलग जगहों से सैंपल लिए जा रहे हैं।