बाड़मेर में नगर निकाय चुनाव में एपल यानी सेब के सिंबल की भारी डिमांड है। निर्दलीय प्रत्याशी अपने लिए एपल सिंबल की ही मांग कर रहे हैं। ऐसे में 24 निर्दलीय प्रत्याशियों को एपल का सिंबल अलॉट भी कर दिया गया है। एपल का सिंबल डिमांड में इसलिए है क्योंकि रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव इसी सिंबल पर लड़ा था। नगर निकाय चुनाव में नाम वापसी के बाद बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों में 179 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें 110 बीजेपी-कांग्रेस, 18 आरएलपी और एक बसपा है। 50 प्रत्याशी निर्दलीय हैं। इसमें से आधे से ज्यादा उम्मीदवारों ने सेब सिंबल की डिमांड की। शिव विधायक को मिला था सिंबल शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा और लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ा था। दोनों चुनावों में भाटी को सिंबल सेब मिला था। इसके बाद सोशल मीडिया समेत लोगों के बीच में सेब का सिंबल चर्चा का विषय रहा।अब दो साल बाद फिर चुनाव आने पर सेब सिंबल चर्चा में आ गया है। एसडीएम बोले- तीन तीन चॉइस मांगी थी एसडीएम भवानीसिंह ने बताया- नाम वापसी के अंतिम दिन 56 प्रत्याशियों ने नाम वापिस लिए। इसके बाद 55 वार्ड में 179 प्रत्याशी बचे हैं। इनको शुक्रवार को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं। इसमें 55 कांग्रेस और 55 बीजेपी से है। 19 आरएलपी और एक बसपा का प्रत्याशी है। 49 निर्दलीय हैं। निर्दलीय चुनाव चिन्ह को लेकर तीन-तीन चॉइस मांगी गई थी। 7 जगह हमें लॉटरी करनी पड़ी है। जहां पर पर पहली चाइंस सेम थी। लॉटरी का प्रावधान है वहां लॉटरी से सिंबल दिया है। दूसरी चांइस पर अन्य चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। 7 वार्डों में सेब चिह्न के लिए लॉटरी मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आवंटन के दौरान निर्वाचन विभाग के सामने 7 वार्ड ऐसे सामने आए। इसमें निर्दलीय ने सेब चिह्न की डिमांड ज्यादा ने की थी। इस पर विभाग ने इन वार्डों में लॉटरी निकालकर एक निर्दलीय प्रत्याशी को चुनाव चिह्न आवंटित किया है।