भीलवाड़ा शहर के सुभाषनगर थाना पुलिस ने चोरी और लूट के मामलों में 23 साल से फरार चल रहे स्थाई वारंटी को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रदीप कुमार दरोगा गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई चला गया था और इतने लंबे समय तक परिवार के संपर्क में नहीं रहा। परिवार ने उसे मृत मान लिया था। रक्षाबंधन पर बहन से मिलने हलेड़ गांव पहुंचने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। 23 साल से घर नहीं आया, परिवार ने मृत मान लिया पुलिस के अनुसार भीमगंज थाना क्षेत्र के वीर सावरकर चौक निवासी प्रदीप कुमार पुत्र सोहनलाल दरोगा वर्ष 2003 में सिलेंडर चोरी और लूट के मामलों में फरार हो गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह भीलवाड़ा छोड़कर मुंबई चला गया। 23 साल तक उसने अपने परिवार से भी संपर्क नहीं किया। ऐसे में परिजनों ने उसे मृत मान लिया था। मां ने पहले बेटे को पहचान नहीं पाया 23 साल बाद जब प्रदीप कुमार परिवार के सामने पहुंचा तो उसकी बूढ़ी मां भी उसे पहली नजर में पहचान नहीं पाई। बाद में जब उन्हें पता चला कि सामने खड़ा व्यक्ति उनका बेटा ही है तो मां-बेटे भावुक हो गए। दोनों एक-दूसरे से गले मिले और उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। यह देखकर वहां मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो गए। मुंबई में ड्राइविंग करता था एसपी सागर राणा ने बताया कि प्रदीप कुमार के खिलाफ वर्ष 2003 में लूट और चोरी की धाराओं में मामले दर्ज हुए थे। उसके खिलाफ लूट और चोरी के तीन मामलों में स्थाई वारंट जारी थे। वह मुंबई में ड्राइविंग का काम कर रहा था। बहन से मिलने आने की सूचना पर पुलिस ने पकड़ा डीएसटी टीम के हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जाट को मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्रदीप मुंबई में रह रहा है और रक्षाबंधन पर अपनी बहन से मिलने हलेड़ गांव आएगा। सूचना के आधार पर सुभाषनगर सीआई कैलाश कुमार विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने निगरानी शुरू की। प्रदीप के बहन के घर हलेड़ पहुंचते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने जेल भेजा पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया। 23 साल पुराने मामलों में फरार आरोपी को पकड़ने में सटीक सूचना देने वाले हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जाट की भूमिका अहम रही। एसपी ने उनके लिए प्रशंसा पत्र और इनाम देने की अनुशंसा की है