एआई से तैयार कर रहे पोस्टर, वीडियो और गाने जयपुर जयपुर नगर निगम के नए परिसीमन से वार्ड बड़े होने और प्रचार का समय कम मिलने से पार्षद प्रत्याशी एआई के साथ चुनावी मैदान में उतरे हैं। सुबह जनसंपर्क और शाम को रील के साथ ही एआई से अलग-अलग पोस्टर बनाकर वायरल कर रहे हैं। कई प्रत्याशियों ने तो बूथवार व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं, जिन पर हर घंटे अलग पोस्टर डाला जा रहा है। वार्ड कार्यालयों में डिजिटल वॉर रूम भी बनाए गए हैं। रीलबाजों ने संभाली कमान, 30 हजार में सोशल मीडिया हैंडलर बने: जयपुर नगर निगम चुनावों में करीब 5.52 लाख जेन-जी वोटर हैं, वहीं दोनों पार्टियों ने 22 युवा प्रत्याशी भी मैदान में उतारे हैं। ऐसे में प्रत्याशियों ने रील बनाने वाले, सोशल मीडिया अकाउंट हैंडल करने वाले, एआई एप्स से पोस्टर वीडियो बनाने वालों को हायर किया है। इन्हें 25-30 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इसके अलावा 1-3 हजार रुपए प्रतिदिन में रील बनवाई जा रही है। प्रत्याशी के नाम के साथ गाने बनवाकर गाड़ियों पर बजाए जा रहे हैं। समान नाम वाले को भी लेनी पड़ी रील की शरण पिछली बार निगम चुनावों में भाजपा के टिकट पर वार्ड-104 से अरुण शर्मा जीते थे। अबकी बार उनकी सीट बदल गई और वार्ड का नंबर 67 हो गया। यहां से दूसरे अरुण शर्मा को भाजपा ने मैदान में उतारा है। टिकट सूची में अरुण नाम देख लोगों ने सोशल मीडिया और फोन पर बधाइयां देना शुरू कर दिया। पुराने अरुण को सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर बताना पड़ा कि वे चुनाव में नहीं उतरे हैं। चारदीवारी से पूर्व पार्षद मनीष पारीक का मामला भी सामने आया। दोनों पार्टियों का सोशल मीडिया पर फोकस वोटर्स को लुभाने के लिए प्रत्याशियों के अलावा भाजपा और कांग्रेस भी सोशल मीडिया पर फोकस कर रहे हैं। कांग्रेस के मीडिया सेल ने जहां जेन-जी कैंपेन शुरू किया, वहीं भाजपा में भी चुनावों को लेकर अलग से टीम बनाई है।