बिजली संकट से जूझ रहे चांधन क्षेत्र के किसानों के सब्र का बांध बुधवार को टूट गया। जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के नौ दिन बाद भी समस्या का समाधान न होने से नाराज ग्रामीणों और किसानों ने 132 केवी चांधन जीएसएस पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि कार्यों के लिए तय 6 घंटे के बजाय 3 घंटे ही बिजली दी जा रही है। बार-बार ट्रिपिंग से सिंचाई बाधित हो रही है और उपकरण जल रहे हैं। क्षेत्र में बारिश न होने से फसलें सूखने के कगार पर हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। लोड कम करने की मांग चांधन फीडर पर अत्यधिक लोड के कारण बार-बार ट्रिपिंग की समस्या आ रही है। किसानों ने मांग की कि मोहनगढ़ को अमरसागर जीएसएस से तुरंत जोड़ा जाए ताकि चांधन जीएसएस का भार कम हो सके। कृषि के साथ-साथ घरेलू कनेक्शनों में हो रही अघोषित कटौती से आम ग्रामीण भीषण गर्मी और अव्यवस्था झेलने को मजबूर हैं। फसलों पर संकट बारिश न होने और सिंचाई के लिए पूरी बिजली न मिलने से फसलों को भारी नुकसान की आशंका है, जिससे किसान आर्थिक संकट में घिर गए हैं। धरने के दौरान महंत महादेव पुरी, भाजपा नेत्री सुनीता भाटी, हाथीसिंह मुलाना, जेतमाल सिंह भैरवा और किशन सिंह भाटी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। किसानों का कहना है कि जब तक विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, जीएसएस पर प्रदर्शन जारी रहेगा।