हाईकोर्ट के जर्जर होते भवन को लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने शनिवार को हाईकोर्ट का दौरा किया। मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट भवन की जर्जर स्थिति को लेकर समीक्षा की। उन्होने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हाईकोर्ट भवन को लेकर राजस्थान के मुख्य सचिव और डीजीपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को आगामी 15 सितंबर को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। उसी क्रम में आज हाईकोर्ट का निरीक्षण किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि हाईकोर्ट भवन के निर्माण कार्य में हुई खामियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्य सचिव ने बताया कि हाईकोर्ट भवन के कार्य की निगरानी के लिए डेडिकेटेड इंजीनियरिंग विंग बनाया जाएगा। इसमें चार एईएन, एक एक्सईएन और एक एसई स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम हाईकोर्ट भवन में चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी और सुपरविजन करेगी। जोजरी-बांडी-लूनी को लेकर समीक्षा: मुख्य सचिव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत राजस्थान के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित इंटीग्रेटेड कमेटी को 20 सूत्रीय एक्शन प्लान तैयार करना है। इस प्लान पर जोधपुर में गठित हाई लेवल कमेटी के साथ विचार-विमर्श कर अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। इसी सिलसिले में उन्होंने बासनी और सालावास क्षेत्र में जाकर ट्रीटमेंट प्रक्रियाओं तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का मौका मुआयना किया। उन्होंने उद्योगपतियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ भी प्रदूषण नियंत्रण को लेकर चर्चा की।