नगर परिषद चुनाव में वार्ड 34 के भाजपा प्रत्याशी रमेश चंद्र मीणा का नामांकन रद्द नहीं होने पर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल, कांग्रेस प्रत्याशी शांतिलाल ने रमेश चंद्र मीणा के खिलाफ आपत्ति लगाते हुए कोर्ट के दस्तावेज पेश किए थे। उनका कहना था कि रमेश के खिलाफ वर्ष 2022 में अपहरण का मामला दर्ज हुआ था, जो अभी कोर्ट में विचाराधीन है। कांग्रेस के मुताबिक, इस मामले में 5 या 7 साल से ज्यादा की सजा का प्रावधान होने के कारण रमेश चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं। नामांकन रद्द नहीं होने पर बुधवार को पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और RO पर पक्षपात का आरोप लगाया। जाड़ावत ने कहा - दूसरे जिलों में इसी तरह के मामलों में नामांकन निरस्त किए गए हैं, जबकि चित्तौड़गढ़ में अलग फैसला लिया गया। कांग्रेस ने दस्तावेजों के आधार पर आपत्ति की है और यदि उसके तथ्य गलत साबित होते हैं तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, अधिकारियों से गलती हुई है तो उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। कार्रवाई नहीं हुई तो अदालत में चुनौती देकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। कांग्रेस ने वार्ड 34 के फैसले पर उठाए सवाल पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने कहा - मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस ने वार्ड 34 के भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ कोर्ट में लंबित आपराधिक मामले से जुड़े दस्तावेज रिटर्निंग ऑफिसर के सामने पेश किए थे। इनमें एफआईआर और चार्जशीट की प्रमाणित प्रतियां भी शामिल थीं। जाड़ावत का दावा है कि संबंधित मामले में गंभीर धाराएं लगी हुई हैं और इसी आधार पर भाजपा प्रत्याशी का नामांकन निरस्त किया जाना चाहिए था। सभी दस्तावेज और आपत्ति पेश करने के बावजूद इसे स्वीकार नहीं किया गया। मामले में फैसला लेने में काफी समय लगाया गया। फैसला लेने के दौरान बार-बार बाहर जाकर सलाह ली गई, जिससे पूरी प्रक्रिया और फैसले पर सवाल खड़े होते हैं। राजनीतिक दबाव में फैसला लिया गया और नियमों का समान रूप से पालन नहीं किया गया। कलेक्टर और एसपी को शिकायत, RO को हटाने की मांग विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर डॉ. मंजू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही एडीएम एवं रिटर्निंग ऑफिसर राजलक्ष्मी गहलोत को हटाने और उनकी भूमिका की जांच कराने की मांग भी रखी गई। कांग्रेस नेताओं ने इसी मामले में एसपी को भी लिखित शिकायत दी और जांच की मांग की। राज्य चुनाव आयोग को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया। जाड़ावत ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को संविधान और कानून के अनुसार काम करना चाहिए, ताकि किसी भी राजनीतिक दल को पक्षपात का आरोप लगाने का मौका नहीं मिले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया का सम्मान करती है, लेकिन जहां नियमों की अनदेखी होगी, वहां लोकतांत्रिक तरीके से विरोध के साथ कानूनी कार्रवाई भी जारी रखी जाएगी। --- संबंधित ये खबर भी पढ़ें … पूर्व कांग्रेस-विधायक से ADM बोलीं- आप लिमिट क्रॉस कर रहे:MLA ने कहा- आप तो बीजेपी को 60 के 60 वार्ड जिता कर दे दो चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों के लिए जमा हुए नामांकन फॉर्म की आज मंगलवार को स्क्रूटनी की गई। इस दौरान बीजेपी, कांग्रेस के पदाधिकारियों और रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के बीच जमकर हंगामा हो गया। पूरी खबर पढ़िए