चित्तौड़गढ़ नगर परिषद चुनाव के लिए शुक्रवार को निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न दिए गए। रिटर्निंग अधिकारी और ADM राजलक्ष्मी गहलोत ने 29 निर्दलीय प्रत्याशियों को चिह्न आवंटित किए। सबसे ज्यादा मांग अलमारी चुनाव चिह्न की रही। कुल 11 उम्मीदवारों को अलमारी का चिह्न मिला। वार्ड 18 से निर्दलीय प्रत्याशी महेंद्र छापरवाल ने बताया- अलमारी घर घर पाई जाती है। हर अमीर और गरीब अलमारी को पसंद करता है। अलमारी में कपड़े और गहने सुरक्षित रहते हैं। अलमारी सुरक्षा का प्रतीक है। इसलिए अलमारी चुनाव चिह्न की डिमांड सबसे ज्यादा की गई। वैसे यहां प्रेशर कूकर भी डिमांड में था लेकिन चुनाव आयोग की साइट पर बाइडिफॉल्ट ये चिह्न ही नहीं था। अलमारी के बाद एपल (सेब) की भी काफी डिमांड रही। चार प्रत्याशियों को सेब का चुनाव चिह्न मिला है। दो-दो प्रत्याशियों को गुब्बारा और चूड़ियां चुनाव चिह्न मिले हैं। चुनाव चिह्न आवंटित होने के बाद अब प्रत्याशी घर-घर प्रचार में जुट गए हैं। पोस्टर, बैनर, पंपलेट के जरिए प्रचार के साथ घर-घर जनसंपर्क किया जा रहा है। नगर परिषद के 60 वार्डों में कुल 151 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं भाजपा और कांग्रेस के 60-60 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि अन्य उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न तय होने के बाद अब मुकाबला स्पष्ट हो गया है। किसी को गोभी, किसी को चूड़ी पसंद चुनाव चिह्नों की भी अजब कहानी है। वार्ड 44 से सुनीता शर्मा ने भाजपा से टिकट मांगा था। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने इसे मुद्दा बनाया और भाजपा प्रत्याशी को टक्कर देने के लिए चुनाव चिह्न चूड़ी की मांग की। उनका मानना है कि महिलाएं किसी भी रूप में कम नहीं और चूड़ियां ताकत की निशानी हैं। इसी तरह वार्ड 57 से निर्दलीय मैदान में उतरे किसान रतनलाल भोई ने बताया कि हमारे इलाके में गोभी की खेती खूब होती है। इसलिए चुनाव चिह्न गोभी के फूल की डिमांड की थी। मुझे गोभी का फूल अलॉट हुआ है। उम्मीद है कि इस चुनाव चिह्न के साथ जीत हासिल करूंगा। ये सिंबल भी बने प्रत्याशी की पहचान अलमारी, एपल, चूड़ियों और गुब्बारे के अलावा प्रत्याशियों को हाथगाड़ी, सिलाई मशीन, चप्पल, स्ट्रीट लाइट, फ्रिज, बेंच, कैंची और गैस चूल्हा के सिंबल भी मिले हैं। निकाय चुनाव में चुनाव चिह्न की अहम भूमिका रहती है। मतदाता उम्मीदवारों को उनके चुनाव चिह्न से पहचानते हैं। यही वजह रही कि कई उम्मीदवारों ने अपनी पसंद का चुनाव चिह्न लेने की कोशिश की। किसको मिला क्या सिंबल वार्ड 41 में दोनों प्रत्याशियों इरशाद और जीनत ने अलमारी चुनाव चिह्न की डिमांड की थी। ऐसे में लॉटरी से चुनाव चिह्न का फैसला किया गया जिसमें इरशाद को अलमारी चुनाव चिह्न मिला और जीनत को बेंच से संतोष करना पड़ा। 60 वार्डों में ऐसा रहेगा मुकाबला, दो वार्ड सबसे ज्यादा रोचक नगर परिषद के 60 वार्डों में कुल 151 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा और कांग्रेस के 120 उम्मीदवार हैं। 31 अन्य प्रत्याशी भी मैदान में हैं। चुनावी गणित के अनुसार 32 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होगा। 26 वार्ड ऐसे हैं जहां तीन-तीन प्रत्याशी मैदान में हैं। सबसे ज्यादा मुकाबला वार्ड 18 और वार्ड 41 में रहेगा, जहां चार-चार उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। इन दोनों वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के अलावा दो-दो अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं। ऐसे वार्डों में वोटों का बंटवारा परिणाम पर बड़ा असर डाल सकता है। राजनीतिक दलों की नजर भी अब इन्हीं वार्डों पर सबसे ज्यादा रहेंगी।