चित्तौड़गढ़ में कोतवाली पुलिस ने मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से मारपीट कर जेवर और मोबाइल लूटने वाली गैंग के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेढ़की महादेव, मेनाल और सेमलपुरा घाटा इलाके में छह लूट की वारदातें करना स्वीकार किया है। इससे पहले पुलिस गैंग के दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट का सामान बरामद कर चुकी है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को गैंग से जुड़ी अन्य वारदातों और सदस्यों के बारे में जानकारी भी सामने आएगी। दर्शन के बाद कर रहे थे काम, तभी तीन बदमाशों ने कर दिया हमला जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया- इस मामले की शुरुआत 5 जून को हुई शिकायत से हुई थी। चंदेरिया के रामदेवजी का चंदेरिया निवासी भेरूलाल प्रजापत ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह गीता देवी के साथ सेमलपुरा घाटा क्षेत्र में हनुमान मंदिर के दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद दोनों पास में करूंदा तोड़ रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार 3 युवक वहां पहुंचे और दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने भेरूलाल के दो मोबाइल फोन लूट लिए। इसके अलावा गीता देवी के नाक और कान में पहने सोने के जेवर, सोने की बालियां, मंगलसूत्र और नकदी छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच की जिम्मेदारी एएसआई नवलराम को सौंपी गई। लगातार हो रही घटनाओं से पुलिस सतर्क हुई पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि मेढ़की महादेव और सेमलपुरा घाटा क्षेत्र में इस तरह की लूट की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर लगातार वारदात होने से मामला गंभीर हो गया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और डीएसपी बृजेश सिंह के निर्देशन में इस गैंग को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाई गई। इसमें जिला विशेष टीम (डीएसटी) और कोतवाली थाना पुलिस को शामिल किया गया। टीम ने सबसे पहले घटनास्थलों का दौरा किया और यह समझने की कोशिश की कि बदमाश किस रास्ते से आते-जाते थे। इसके साथ ही पहले ऐसे अपराध करने वाले बदमाशों का रिकॉर्ड भी खंगाला गया। घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और दूसरे सुरागों के आधार पर पुलिस धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंच गई। दबिश के बाद हाथ आया गैंग का मुख्य आरोपी जांच में मिले पुख्ता सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग जगह लगातार दबिश दी। काफी समय तक तलाश के बाद आखिरकार गैंग के मुख्य आरोपी रघुवीर कंजर को गिरफ्तार कर लिया गया। वह बेगूं थाना क्षेत्र के मंडावरी गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार इस वारदात में शामिल उसके दो साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था और उनके कब्जे से लूटा गया पूरा सामान भी बरामद कर लिया गया था। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। शुरुआती पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बस्सी थाना क्षेत्र के मेढ़की महादेव, बेगूं के मेनाल और सेमलपुरा घाटा इलाके में छह लूट की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि गैंग ने कहीं अन्य जिलों में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम तो नहीं दिया। श्रद्धालुओं का भरोसा लौटाने की कोशिश पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। पिछले कुछ समय से इन इलाकों में महिलाओं और दंपत्तियों को निशाना बनाकर की जा रही लूट की घटनाओं से लोगों में डर का माहौल बन गया था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस गैंग की बाकी गतिविधियों का भी खुलासा होगा और यदि अन्य वारदातों में इनकी भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। ये टीम में शामिल रहे इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी रजनीश कुमार, एएसआई नवलराम, हेमेंद्र सिंह तथा जिला विशेष टीम के प्रभारी पुलिस निरीक्षक जोधाराम सहित रामावतार, सुनील, दुर्गेश, पुरखा राम, मुकेश, साहिल, राकेश पदम, जोगेंद्र और ललित सिंह की भूमिका रही।