डूंगरपुर में नगर परिषद में फर्जी पट्टे जारी करने के एक मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने फर्जी पट्टे बनाने वाले तीन लोगों के गिरोह को पकड़ा है। पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से आधा दर्जन फर्जी पट्टे, एक लैपटॉप और कुछ अन्य सामान जब्त किया गया है। डूंगरपुर एसपी ने बताया कि नगर परिषद आयुक्त ललित सिंह देथा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वसुंधरा विहार निवासी बलवंत सिंह भाटी अपना पट्टा जमा कराने परिषद कार्यालय पहुंचे थे। जांच में पता चला कि पट्टे पर आयुक्त और कनिष्ठ अभियंता के जाली हस्ताक्षर थे। इसकी कोई रसीद भी जमा नहीं हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी हिमांशु सिंह राजावत के नेतृत्व में एक खास टीम बनाई गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि बलवंत सिंह ने आदर्श नगर निवासी राजु खराड़ी के जरिए पट्टा बनवाया था। इसके लिए बलवंत सिंह से 1.50 लाख रुपए लिए गए थे। राजु खराड़ी ने अपने साथी वंदित वैरागी और नरेश कोटेड के साथ मिलकर ये जाली दस्तावेज तैयार किए थे। वंदित वैरागी नगर परिषद का पूर्व संविदाकर्मी और कंप्यूटर ऑपरेटर है। उसे पहले लापरवाही के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था। नौकरी से निकाले जाने से पहले ही वंदित ने कार्यालय से 30-35 'येलो शीट' पेपर, पट्टे के प्रारूप, नगर परिषद की सील, मोहरें और आयुक्त के नमूना हस्ताक्षर चुरा लिए थे। आरोपियों ने अब तक करीब 30 से ज्यादा लोगों को पट्टे देने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करना कबूल किया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड वंदित वैरागी, उसके साथी राजु खराड़ी और नरेश कोटेड को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है।