जांच एएसपी ग्रामीण करेंगे जसरासर के मेनसर, बगसेऊ, गजसुखदेसर, मूंदड़, भोम बिलनियासर, दूदावास, हनुमानपुरा गांवों में 100 से ज्यादा किसानों के खेतों में फर्जी बंटवारों को तैयार कर उनके नाम से बीमा पॉलिसी में रबी और खरीफ की फसल खराबे की करोड़ों रुपए की रकम का गबन कर लिया गया। किसानों को लंबे समय बाद पता चला तो वे एसपी के पास पहुंचे और बीमा कंपनी, पटवारी, कृषि विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया जिसकी जांच एएसपी ग्रामीण करेंगे। आरोप है कि पिछले पांच सालों से हलका पटवारी, बीमा कंपनी, कृषि विभाग के कर्मचारी, ई-मित्र और अन्य लोगों ने आपसी मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। फर्जी बंटाईदार खड़े किए और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खराबे की राशि उनके खातों में डालकर गबन कर लिया। जनवरी माह में कुछ किसानों को इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली तो उन्होंने छानबीन शुरू की। धीरे-धीरे बड़े स्तर पर सैकड़ों किसानों के साथ धोखाधड़ी और करोड़ों रुपए का गबन सामने आ गया। किसान एकजुट होकर एसपी मृदुल कच्छावा के पास पहुंचे। उसके बाद जसरासर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच एएसपी ग्रामीण बनवारीलाल मीणा को सौंपी गई है। बुधवार को किसान इकट्ठा होकर बीकानेर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी एसपी-एएसपी को दी। पुलिस को फर्जी बंटाईदार के नाम और उठाई गई रकम की सूची भी सौंपी गई है। इन 4 उदाहरणों के समझिए 1. मेनसर गांव निवासी किसान श्रवण प्रजापत का 61 बीघा खेत है। फसल खराबे के नाम पर फर्जी बंटाईदार बनकर फसल बीमा योजना में वर्ष, 22 में 6.68 लाख रुपए उठा लिए। 2. मेनसर के किसान सुरजाराम कुम्हार और परिजनों का आंवलियासर में 85 बीघा व 20 बीघा के खेत हैं। फर्जी बंटाईदार बनकर 3.44 लाख रुपए हासिल कर लिए। 3. बगसेऊ निवासी भीखनाथ व परिजनों का 115 बीघा खेत है। फर्जी बंटाईदार के नाम से करीब 20 लाख रुपए का गबन कर लिया गया। 4. मुंडेर भगवानपुरा में बंशीलाल व परिजनों का 10.19 हेक्टेयर खेत है। फसल खराबे के नाम पर फर्जी बंटाईदार बनाकर 4.83 लाख रुपए उठा लिए गए। किसानों का आरोप : बड़ा घोटाला, सही जांच में खुलेंगी परतें एसपी ऑफिस पहुंचे जसरासर के गांवों के किसानों का कहना है कि फर्जी तरीके से बंटाईदार बनाकर करोड़ों रुपए का घोटाला करने के मामले की गंभीरता से और सही जांच की गई तो परतें खुलेंगी और बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार उजागर होगा। जसरासर तहसील में 100 से ज्यादा किसानों के साथ ही नहीं, 500 से ज्यादा किसानों के साथ मिलीभगत से धोखाधड़ी कर रकम उठा ली गई है। मामला सामने आने पर आरोपी और फर्जी बंटाईदार ने किसानों से संपर्क किया और बड़ी संख्या में उनसे लेनदेन भी किया है जिससे कि मामला दब जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीटों या बीमारियों के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई करना है। इसकी पूरी प्रक्रिया पंजीकरण से लेकर क्लेम निपटान तक कई चरणों में पूरी होती है।