हनुमानगढ़ जिले में निकाय चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच का काम मंगलवार को पूरा हो गया। जांच के बाद जिले के 7 निकायों में कुल 330 नामांकन पत्र खारिज किए गए।
वहीं हनुमानगढ़ नगरपरिषद क्षेत्र में कांग्रेस के 3 प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। हनुमानगढ़ नगरपरिषद के वार्ड 31 से कांग्रेस प्रत्याशी लखवीर सिंह, वार्ड 37 से रोहित जावा और वार्ड 52 से बंशीलाल के नामांकन खारिज किए गए। लखवीर सिंह और बंशीलाल के पर्चे 5 वर्ष या उससे ज्यादा सजा वाले अपराध में आरोप तय होने के आधार पर निरस्त किए गए। वहीं रोहित जावा के नामांकन में उनके खिलाफ दर्ज मामले से संबंधित दस्तावेज नहीं होने को वजह बताया गया। नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का विरोध
रोहित जावा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज मामला ऐसा नहीं है, जिसमें 5 वर्ष की सजा का प्रावधान हो। उनका यह भी दावा है कि निर्वाचन अधिकारी ने जिस दस्तावेज की मांग की, वह अदालत में भी उपलब्ध नहीं है और इस संबंध में लिखित जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद रिटर्निंग अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इस मुद्दे पर देर रात तक बहस चलती रही। नामांकन खारिज होने के बाद शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जिनेंद्र जैन बेबी, गुरमीत सिंह चंदड़ा, अश्विनी पारीक और इशाक खान समेत कई कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के सामने रोष जताया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष के दबाव में जानबूझकर नामांकन रद्द किए गए हैं। सुनवाई नहीं होने का लगाया आरोप
कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर लालू यादव जेल में रहते हुए चुनाव लड़ सकते हैं और हनुमान बेनीवाल पर 302 का मामला होने के बावजूद चुनाव लड़ने की स्थिति बनी, तो हनुमानगढ़ में कांग्रेस प्रत्याशियों के साथ अलग नियम क्यों अपनाया जा रहा है? कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सुनवाई करने के बजाय उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी जा रही है। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। सूचना पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश का प्रयास किया। 7 निकायों में 330 नामांकन खारिज
जिले के 7 निकायों में सबसे ज्यादा नामांकन रावतसर में 88 खारिज हुए। इनमें कांग्रेस का अधिकृत टिकट नहीं मिलने के कारण 82 और भाजपा का टिकट नहीं मिलने के कारण 6 नामांकन रद्द किए गए।
इसके अलावा पीलीबंगा में 87, भादरा में 44, टिब्बी में 37, गोलूवाला में 34, नोहर में 27 और संगरिया में 13 नामांकन खारिज हुए। जांच के बाद अब संगरिया में 139, टिब्बी में 92, रावतसर में 204, भादरा में 203, नोहर में 131, गोलूवाला में 106 और पीलीबंगा में 167 उम्मीदवार मैदान में हैं। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी तस्वीर और साफ होगी। जेल से भरे थे 2 पर्चे, दोनों हुए खारिज
रावतसर के वार्ड 19 से जेल में रहकर कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करने वाले भीम सिंह शेखावत के दोनों पर्चे भी जांच में खारिज कर दिए गए। कांग्रेस का अधिकृत टिकट नहीं मिलने के कारण एक नामांकन रद्द हुआ, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल दूसरा पर्चा राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 की धारा 24(3) के तहत निरस्त किया गया। क्या कहता है नियम?
धारा 24(3) के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ सक्षम न्यायालय किसी ऐसे अपराध का संज्ञान ले चुका है, जिसमें 5 वर्ष या उससे अधिक कारावास की सजा का प्रावधान है और आरोप विरचित हो चुके हैं, तो मामला विचाराधीन रहने तक वह नगरपालिका सदस्य के रूप में चुने जाने या बने रहने के लिए अयोग्य माना जाता है।