हनुमानगढ़ में लम्पी स्किन डिजीज (LSD) के मामले सामने आने के बाद पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। राज्य के अन्य जिलों में इस बीमारी के फैलने के बाद हनुमानगढ़ जिले में भी संभावित खतरे को देखते हुए विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप ने सभी पशु चिकित्सा संस्थाओं को अलर्ट रहने और गौवंश की नियमित निगरानी, सर्वे और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. स्वरूप ने बताया कि सभी संस्था प्रभारियों को अपने कार्यक्षेत्र की गोशालाओं और खुले में घूमने वाले गोवंश का नियमित सर्वे करने को कहा गया है। अगर किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत उपचार शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पशुपालकों के साथ बैठकें कर उन्हें लम्पी स्किन डिजीज के लक्षण, बचाव के तरीके और सावधानियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। गोवंश में लक्षण दिखें तो तुरंत सूचना दे पशुपालन विभाग ने आम लोगों और पशुपालकों से अपील की है। यदि किसी गोवंश में लम्पी स्किन डिजीज के लक्षण दिखें, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था, जिला रोग निदान प्रयोगशाला, हनुमानगढ़ या जिला पशुपालन कार्यालय को दें। इससे समय पर उपचार और नियंत्रण के उपाय किए जा सकेंगे। 3.80 लाख गोवंश के ​टीकाकरण का लक्ष्य डॉ. आनंद स्वरूप ने बताया कि जिले में 3 लाख 80 हजार गोवंश के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक लगभग 3 लाख 63 हजार गौवंश का टीकाकरण हो चुका है। बचे हुए गौवंश के लिए विभाग 9 सितंबर, 2026 तक एक विशेष अभियान चला रहा है।