कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी मंगलवार को विश्नोई समाज के पंच रहे गोरधन राम विश्नोई की प्रथम पुण्यतिथि के कार्यक्रम में पहुंचे। जहां उन्होंने राजनीतिक तंज कस दिया। कार्यक्रम गुड़ामालानी के माणकी रामजी की गोल में हुआ। कांग्रेस से बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा- हम लोग हेमाराम चौधरी के अनुयायी हैं। हम कुर्सी के पीछे चलने वाले नहीं हैं। और न ही उस कुर्सी को पकड़ कर बहाना बनाने वाले हैं कि बेचारी ये कुर्सी हमें नहीं छोड़ रही। ये भी एक अटकल है, कि ये कुर्सी मुझे नहीं छोड़ रही, मैं तो छोड़ना चाह रहा हूं। हेमाराम जी ने तो कुर्सी को भी लात मारी और बहाना नहीं बनाया कि मुझे कुर्सी ने नहीं छोड़ा। कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी, सांगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया, जैसलमेर के पूर्व विधायक रूपराम धनदे भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री और MLA बनने का झगड़ा हरीश चौधरी ने अपने भाषण में कहा- हेमाराम जी ने कुर्सी छोड़ी, उनके लिए आप लोग ज्यादा हो। हेमाराम को वोट नहीं दिए होंगे आपने, लेकिन उन्होंने वोटों से ज्यादा बड़ी जगह बनाए रखी है। वोट आते रहेंगे, जाते रहेंगे। जीतते रहेंगे, हारते रहेंगे। यह मुख्यमंत्री-MLA की लड़ाई है। मंत्री कुछ नहीं है, मंत्री नाम की व्यवस्था दिल्ली और जयपुर में नहीं है। सिर्फ मुख्यमंत्री और MLA बनने का झगड़ा है। राम-राम, सलाम वालेकुम में कोई अंतर नहीं हरीश चौधरी ने भाषण में कहा- हम सबको एक रहना है। मैं गोरधन राम जी के रास्ते पर चलने के लिए नहीं कह रहा हूं। मेरा निवेदन है कि समय मिले तो थोड़ा गोरधन राम जी को जान लेना। जानोगे तो मान लोगे। जानने और मानने का भी खेल अलग है। भगवान को जाना नहीं, भगवान को मानते हैं। गोरधन राम जी को आप लोग जान लेना। इनको जान लिया तो अपने आप उनके रास्ते पर चल पड़ोगे। उन्होंने अपना भाषण खत्म करते हुए कहा- राम-राम, सलाम वालेकुम इसमें कोई अंतर नहीं है। लोग अंतर डाल देते हैं। जय राम जी, जय माता जी, जय रघुनाथ इसमें कोई अंतर नहीं है। भावना वही रहनी चाहिए। हेमाराम ने चुनाव लड़ने से कर दिया था मना पूर्व मंत्री और पूर्व प्रतिपक्ष नेता हेमाराम चौधरी ने विधानसभा चुनाव 2023 में चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। पूर्व मंत्री ने पिछले कांग्रेस कार्यकाल में 2 बार विधायक पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 3 साल पहले जोधपुर में बयान दिया था। इसमें कहा था कि मैं ये पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन पद मुझे नहीं छोड़ रहा। पढ़ें ये खबर भी CM गहलोत बोले- पद छोड़ना चाहता हूं, ये मुझे नहीं छोड़ रहा:कहा- भाजपा के अलावा दूसरी पार्टी को पैसा देने वाले पर ED-IT का छापा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री का पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन यह पद मुझे नहीं छोड़ रहा है। पढ़ें पूरी खबर…