एनटीए की तर्ज पर स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (एसटीए) बनाने का ड्राफ्ट तैयार है। उच्च शिक्षा विभाग की टीम ने एनटीए के दौरे और संबंधित विभागों से सुझाव पर ड्राफ्ट तैयार किया है। यह एजेंसी विश्वविद्यालयों के एंट्रेंस, पीटीईटी, प्री डीएलएड जैसे एंट्रेंस एग्जाम कराएगी। एसटीए की ओर से सीबीटी (कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट) आधारित एग्जाम्स कराए जाएंगे, जिनके लिए जिला मुख्यालयों पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। ये परीक्षाएं कराएगा एसटीए : राजस्थान में हर साल 18 लाख छात्र यूनिवर्सिटीज से लेकर विभिन्न परीक्षाएं देते हैं। ड्राफ्ट के अनुसार विश्वविद्यालयों के यूजी-पीजी के एंट्रेंस टेस्ट, स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (सेट), रीट, जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (एग्रीकल्चर), फार्मेसी एंट्रेंस टेस्ट (यूजी), पीटीईटी, प्री पीएचडी एग्जाम (अगर लागू हो) के अलावा टेक्निकल और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के एंट्रेंस एग्जाम कराए जाएंगे। एनटीए द्वारा परीक्षाओं के संचालन व्यवस्था के अध्ययन के लिए टीम ने एनटीए का दौरा किया है। एसटीए के लिए ड्राफ्ट तैयार हो गया है।-- डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा विभाग भास्कर एक्सपर्ट - पेपर लीक पर अंकुश लगेगा पीटीईटी, डीएलडी जैसी परीक्षा अलग-अलग यूनिवर्सिटी कराती है। एक एजेंसी एंट्रेंस एग्जाम कराएगी तो पेपर लीक पर अंकुश लगेगा। समय पर परीक्षाएं होंगी और परिणाम जल्दी आएंगे। -प्रो. कैलाश सोढ़ानी, पूर्व वीसी वीएमओयू