जयपुर ईस्ट पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। प्रताप नगर थाना पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद करीब 80 वाहन चोरी की वारदातों का खुलासा किया है। आरोपियों की निशानदेही पर 51 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस अब बरामद वाहनों के संबंध में अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए शेर सिंह (26) निवासी तारनपुर, थाना मलारना डूंगर, सवाई माधोपुर और कमलजीत उर्फ कमल (33) निवासी रामड़ी, थाना मलारना डूंगर, सवाई माधोपुर को गिरफ्तार किया गया। मुखबिर की सूचना पर दबोचे दोनों आरोपी डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने जयपुर शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से वाहन चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार दोनों ने प्रताप नगर, मालवीय नगर, सांगानेर सदर, शिप्रापथ, शिवदासपुरा, चाकसू सहित अन्य थाना क्षेत्रों से करीब 80 मोटरसाइकिल चोरी करना कबूल किया।
अस्पताल के बाहर से चोरी की मोटरसाइकिल से खुला मामला मामले की शुरुआत 20 जुलाई को RUHS अस्पताल प्रताप नगर के बाहर से मोटरसाइकिल चोरी होने की रिपोर्ट से हुई। परिवादी गिर्राज प्रसाद सैनी अपने बीमार बेटे का इलाज कराने अस्पताल आए थे। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल RJ-60-SP-5901 अस्पताल के गेट नंबर 3 के पास खड़ी की थी। कुछ देर बाद लौटने पर मोटरसाइकिल गायब मिली। इस संबंध में प्रताप नगर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से यही चोरी की मोटरसाइकिल बरामद कर ली। सुनसान जगहों पर खड़ी बाइक बनती थी निशाना पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी गांव से जयपुर आए थे और मुहाना व सांगानेर इलाके में किराए का कमरा लेकर कैटरिंग का काम करते थे। ज्यादा पैसा कमाने के लालच में दोनों ने वाहन चोरी करने की योजना बनाई। आरोपी पहले सुनसान जगहों पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही बाइक के हैंडल का लॉक तोड़कर तारों को जोड़कर उसे स्टार्ट कर लेते थे। इसके बाद रास्ते में मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट तोड़कर फेंक देते और चोरी के वाहनों को सुनसान स्थान पर एकत्र करते थे। मांग के अनुसार, इन मोटरसाइकिलों को जयपुर शहर और दूसरे जिलों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की योजना थी। चोरी की बाइक बेचने पहुंचे तो पुलिस ने दबोचा पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी की एक मोटरसाइकिल बेचने के लिए 7 सितंबर को द्रव्यवती नदी के पास चिनाव अपार्टमेंट पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस टीम ने दोनों को पकड़ लिया और मोटरसाइकिल जब्त कर ली। आरोपी पुलिस की नजर से बचाने के लिए चोरी की मोटर साइकिलों को सूनसान जगह सहित कुएं तक में छुपाते थे। आरोपी ज्यादातर स्पलेंडर और टीवीएस की अपाचे बाइक को चुराकर महज 5 से 7 हजार रुपए में बेच देते थे। पूछताछ और निशानदेही के बाद पुलिस ने अब तक 51 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें जयपुर शहर से चोरी के साथ सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर, खंडार और सुरवाल थाना क्षेत्रों से चोरी के वाहन भी शामिल हैं। कमलजीत पहले से था वाहन चोरी में वांछित पुलिस के मुताबिक, आरोपी कमलजीत उर्फ कमल पहले से ही वाहन चोरी के मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ जयपुर शहर के महेश नगर, सांगानेर सदर, आमेर, चाकसू और सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर थाने में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और मारपीट सहित करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में भी साल 2014 से वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य चोरी के मामलों में जयपुर शहर के अलग-अलग थानों में गिरफ्तार हो चुका है। उसके खिलाफ न्यायालय से कई स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी थे और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। वहीं आरोपी शेर सिंह के खिलाफ मलारना डूंगर थाने में मारपीट का मामला दर्ज बताया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। चोरी की बाइक खरीदने वालों को भी पुलिस ने चिन्हित किया है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में अन्य चोरी के वाहनों और वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।