जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट में जिंदा बम मिलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दोषी मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद की जमानत याचिका खारिज कर दी। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना वी. वराले की बेंच ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा- जयपुर ब्लास्ट को साधारण मामले की तरह नहीं देखा जा सकता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आमजन के जीवन को खतरे में डालने से जुड़ा मामला है। इसे सामान्य जमानत के मामले की तरह नहीं देखा जा सकता है। जमानत याचिका में आरोपियों की ओर से कहा गया था कि उन्हें ब्लास्ट के 8 मामलों में हाईकोर्ट पहले ही बरी कर चुका है। सभी नौ बम एक ही साजिश का हिस्सा थे, इसलिए अगर उन 8 मामलों में उसे निर्दोष पाया गया है तो इस मामले में भी उसे जेल में नहीं रखा जाना चाहिए। वहीं उन 8 मामलों में बरी होने के बाद केवल जेल में बंद रखने की नीयत से पुलिस ने 12 साल बाद इस मामले में गिरफ्तार कर लिया, जो पूरी तरह से अनुचित है। हम पिछले 15 सालों से जेल में है। ऐसे में जमानत का लाभ दिया जाए। जिंदा बम का मामला अन्य मामलों से अलग राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने जमानत का विरोध करते हुए कहा- यह नौवें बम का मामला अन्य आठ मामलों से पूरी तरह अलग है। इसमें जगह और बम अलग थे। वहीं इस मामले में साइकिल बेचने वाले दुकानदार ने आजमी की पहचान की है। इसी साइकिल पर जिंदा बम प्लांट किया गया था। इन सबूतों को पहले के मामलों में हाईकोर्ट ने कभी खारिज नहीं किया था। वहीं आठ पुराने मामले में हाईकोर्ट के आरोपियों को बरी किए जाने के मामले में सरकार की अपील अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। देरी को लेकर सरकार ने कहा- देर से गिरफ्तारी का मतलब यह नहीं है कि मामला फर्जी है। धमाके में 71 लोगों की हुई थी मौत बता दें कि 4 अप्रेल 2025 को जयपुर बम ब्लास्ट की विशेष कोर्ट ने सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 13 मई 2008 को जयपुर में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे। 9वां बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। बम फटने के 15 मिनट पहले इसे डिफ्यूज कर दिया गया था। धमाकों में 71 लोगों की मौत हुई थी और 185 घायल हुए थे। यह खबर भी पढ़ें... जयपुर धमाके-जिंदा बम केस में 4 आतंकवादियों को उम्रकैद:अफसोस की बजाय कोर्ट में हंसते रहे आतंकी; सीरियल ब्लास्ट में 71 लोगों की मौत हुई थी जयपुर में 17 साल पहले हुए सीरियल बम धमाकों के दौरान जिंदा बम मिलने के मामले में चार आतंकियों को स्पेशल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। (पूरी खबर पढ़ें)