जैसलमेर के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में रविवार को नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर सेक्टर और पुलिस अधिकारियों की ट्रेनिंग हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) अनुपमा जोरवाल के निर्देशन और उप जिला निर्वाचन अधिकारी (एडीएम) परसाराम सैनी की देखरेख में आयोजित प्रशिक्षण में अधिकारियों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने की जिम्मेदारियों और जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अभी से अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा शुरू करें और हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखें। प्रशिक्षण में चुनाव आयोग के नियमों का पूरी तरह पालन करने पर जोर दिया गया, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की गड़बड़ी या अव्यवस्था न हो। जिम्मेदारियों और कानूनी नियमों की दी जानकारी सहायक प्रभारी रामाराम ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए अधिकारियों को चुनाव के दौरान उनकी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के बारे में आसान भाषा में समझाया। उन्होंने मतदान से पहले और मतदान के दिन ध्यान रखने वाली मुख्य बातों की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों को आर्म्स एक्ट, डरे-सहमे मतदाताओं की पहचान, चुनावी रैलियों और सभाओं में हुड़दंग करने वालों पर कार्रवाई तथा मतदान की गोपनीयता बनाए रखने से जुड़े कानूनी नियमों के बारे में भी बताया गया। फॉर्म से लेकर सील लिफाफों तक समझाई प्रक्रिया मास्टर ट्रेनर नरेंद्र वासु ने मतदान दिवस पर भरे जाने वाले अलग-अलग फॉर्म के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ट्रेनर विजय कुमार बल्लाणी ने मतदान के बाद सील किए जाने वाले और बिना सील रहने वाले लिफाफों के बारे में बताया। वहीं, मास्टर ट्रेनर मिश्री सिंह ने मतदान प्रक्रिया से जुड़े हर जरूरी कदम को समझाया, ताकि चुनाव के दिन पूरी प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके। EVM जोड़ने और चलाने का कराया अभ्यास ट्रेनिंग का सबसे अहम हिस्सा EVM का प्रैक्टिकल अभ्यास रहा। ट्रेनर मुख्तयार अली की टीम में पुरखाराम, कंवरराज सिंह, राहुल राठौड़ और देऊ राम शामिल थे। टीम ने सेक्टर अधिकारियों को कंट्रोल यूनिट और बैलट यूनिट को जोड़ने और चलाने का तरीका समझाया। अधिकारियों ने खुद EVM चलाकर देखी और मशीनों को जोड़ने से जुड़ी जरूरी जानकारी को प्रैक्टिकल तरीके से समझा। इसका मकसद यह था कि मतदान के दिन किसी बूथ पर मशीन खराब होने या तकनीकी दिक्कत आने पर सेक्टर अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का तुरंत समाधान करा सकें। शंकाओं का समाधान किया, ऑनलाइन टेस्ट भी लिया ट्रेनिंग के अंत में अधिकारियों की सभी शंकाओं का समाधान किया गया। इसके बाद सेक्टर अधिकारियों का प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान परखने के लिए ऑनलाइन टेस्ट भी लिया गया।