जैसलमेर जिले में काफी दिनों से बारिश नहीं हुई है। इससे अब गांवों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। खेतों में खड़ी खरीफ की फसलों को पानी की जरूरत है, लेकिन बारिश नहीं होने से फसलें सूखने लगी हैं। दिन में तेज धूप निकल रही है। हवा में नमी होने के कारण गर्मी के साथ उमस भी परेशान कर रही है। सोमवार को जिले में दिन का तापमान 37.4 डिग्री और रात का तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फसलों की बढ़वार रुक गई इस बार बारिश की शुरुआत ही देर से हुई थी। बारिश देर से आने के कारण किसानों ने खरीफ की फसलों की बुआई भी देर से की। अब फसलों के पौधों को बढ़ने के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है। लेकिन बारिश रुक जाने से खेतों की मिट्टी में नमी कम हो गई है। कई जगह फसलें मुरझाने लगी हैं। अगर जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलें पूरी तरह सूख सकती हैं। इससे किसानों को पैदावार कम होने का डर सता रहा है। किसान रोज बारिश की उम्मीद में आसमान देखते हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। तेज धूप और उमस से भी परेशानी बारिश नहीं होने के बीच तेज धूप भी निकल रही है। सोमवार को अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में नमी होने के कारण दोपहर में गर्मी के साथ तेज उमस महसूस हो रही है। तेज गर्मी के कारण खेतों की मिट्टी में बची नमी भी जल्दी खत्म हो रही है। इससे फसलों को नुकसान का खतरा और बढ़ गया है। चारे और पानी की भी परेशानी बारिश नहीं होने का असर सिर्फ खेतों पर नहीं पड़ रहा है। गांवों में मवेशियों के लिए हरा चारा भी कम होने लगा है। पीने के पानी की परेशानी भी बढ़ने लगी है। अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों के साथ पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ सकती है। बारिश नहीं होने से फसल, चारा और पानी तीनों को लेकर ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ रही है।