झालावाड़ नगर परिषद चुनाव में नाम वापसी की अंतिम तारीख से पहले राजनीतिक दल जीतने के लिए जोड़-तोड़ कर रहे हैं और बागियों को चुनाव से हटाने की कोशिशें चल रही हैं। झालावाड़ में एक निर्दलीय महिला प्रत्याशी के पति ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर नाम वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कोतवाली थाने में इसकी शिकायत दी है। वार्ड 36 निवासी निर्दलीय प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह ने कोतवाली पुलिस को दी शिकायत में बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा ने उन्हें डरा-धमकाकर उनकी पत्नी का नाम नगर परिषद चुनाव से वापस लेने का दबाव बनाया। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी रीता चौहान वर्तमान नगर परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार हैं। देश का संविधान हर नागरिक को चुनाव लड़ने का अधिकार देता है, लेकिन उन पर नाम वापसी के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा ने कहा कि आरोप गलत हैं और उनकी इस प्रकार की कोई बात नहीं हुई है। कोतवाली सीआई मुकेश कुमार मीणा ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा के दौरान 414 नामांकन पत्र हुए निरस्त जिला निर्वाचन अधिकारी अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि नगरीय निकाय आम चुनाव के तहत मंगलवार को नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा के दौरान नगर परिषद् झालावाड़ में 54 नामांकन निरस्त हुए। इसी प्रकार नगर पालिका भवानीमण्डी में 122, नगर पालिका झालरापाटन में 45, नगर पालिका पिड़ावा में 60, नगर पालिका अकलेरा में 10, नगर पालिका डग में 54, नगर पालिका खानपुर में 54 एवं नगर पालिका मनोहरथाना में 15 नामांकन पत्र निरस्त हुए हैं। दिनभर बागियों को समझाइश का दौर जारी राजनीतिक गलियारों से मिली जानकारी के अनुसार झालावाड़ नगर परिषद में 45 वार्ड है, ऐसे में कई वार्ड में बागी और निर्दलीय पार्टी प्रत्याशियों को नुकसान पहचाने की संभावनाओं को देखते हुए दोनों ही राजनीतिक बड़ी पार्टियों के नेता बागियों को मनाने ओर अपने पक्ष में बैठने का जुगाड़ कर रहे हैं। ऐसे में कुछ दावेदारों ने नाम वापसी भी की है, लेकिन प्रशासन की ओर से 3 सितंबर को अंतिम सूची जारी की जाएगी।