झालावाड़ में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ खण्डीय लेखाधिकारी के खिलाफ मंगलवार को स्थानीय ठेकेदारों ने विरोध प्रदर्शन किया। ठेकेदारों ने उन पर बिलों के भुगतान में अनावश्यक देरी करने और विभिन्न प्रकार के आक्षेप लगाकर परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। कॉन्ट्रेक्टर वेलफेयर सोसायटी झालावाड़ के अध्यक्ष कमलजीत सिंह ने बताया कि पीडब्ल्यूडी खण्ड झालावाड़ में कार्यरत वरिष्ठ खण्डीय लेखाधिकारी छोटे ठेकेदारों के बिलों पर बेवजह आपत्तियां लगाते हैं। इससे भुगतान लंबे समय तक लंबित रहता है, जिससे ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है। ठेकेदारों का आरोप है कि लेबर, गार्ड, कंप्यूटर वर्कर और सफाई कर्मचारी जैसे छोटे-छोटे सामान्य भुगतानों से संबंधित बिलों पर भी अनावश्यक आपत्तियां लगाई जाती हैं। वहीं, कुछ बड़े या अधिक राशि वाले कार्यों के बिल अपेक्षाकृत जल्द पास कर दिए जाते हैं। अध्यक्ष ने यह भी बताया कि विभाग द्वारा वीवीआईपी विजिट या उच्चाधिकारियों के निर्देश पर करवाए जाने वाले अतिआवश्यक कार्यों के बिल भी कई बार रोक दिए जाते हैं। इससे संबंधित ठेकेदारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। ठेकेदारों ने बताया कि इस संबंध में पहले झालावाड़ प्रवास के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह को भी शिकायत की गई थी। हालांकि, उनका कहना है कि अभी तक इस मामले में कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारी ठेकेदारों ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने और लंबित भुगतानों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की है।