जोधपुर में कार मालिक ने इंश्योरेंस का फर्जी क्लेम उठाने के लिए चोरी का झूठा मामला दर्ज करवाया। आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर यह वारदात की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखकर मामले का खुलासा किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों दलपत सिंह (37) पुत्र अर्जुन सिंह राजपुरोहित निवासी शिव पुलिस थाना गोटन जिला नागौर (कार मालिक) और गणेश वैष्णव (33) पुत्र नाथूदास वैष्णव निवासी सांवलाजी कॉलोनी गांव शिवनगर पोस्ट घेवड़ा थाना ओसिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, वहां से उन्हें जेल भिजवाया गया। जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट की शास्त्री नगर थाना पुलिस के थानाधिकारी दिनेश लखावत के नेतृत्व में मामले का खुलासा किया गया। चोरी की रिपोर्ट कराई थी दर्ज थाना शास्त्रीनगर के SI शैतान चौधरी ने बताया- थाने में दलपत सिंह ने मामला दर्ज करवाया था। इसमें बताया कि मैं शास्त्री नगर में रहता हूं और मैं कार ड्राइवर हूं। मेरे पास खुद की भी एक कार टोयोटा इटिऑस है। इस कार को 27 अगस्त को 10:30 बजे घर के बाहर पार्क किया था। 27 अगस्त को मध्य रात्रि करीब 2 बजे चोरों ने मेरी कार चुरा ली। सुबह जब मैंने देखा तो कार नहीं मिली। इस रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी देख युवक को पकड़ा, किया खुलासा जांच में पुलिस ने कार चोरी होने की जगह के CCTV फुटेज देखे। इसके आधार पर पुलिस ने कार चुराने वाले गणेश वैष्णव की पहचान की। जब उसे थाने लाकर पूछताछ की गई तो उसने पूरा राज उगल दिया। गणेश ने पूछताछ में बताया कि दलपत सिंह की टोयोटा कार को कई बार मैं चलाकर ले जाता हूं। दलपत सिंह ने कार के इंश्योरेंस का पैसा हड़पने के लिए ये प्लान बनाया था। ताकि कार चोरी होने का मामला दर्ज करवाकर कंपनी से क्लेम उठाया जा सके। दलपत सिंह ने बताया- टोयोटा कार को कभी-कभी किराए पर चलाने के लिए ड्राइवर के तौर पर गणेश को भेजता था। उसके साथ मिलकर इस प्लानिंग को अंजाम दिया। कार्रवाई में ASI चंचल प्रकाश, कॉन्स्टेबल राजूराम, फरसाराम की विशेष भूमिका रही।