जोधपुर जीआरपी पुलिस ने ऐसे दो आरोपियों को पकड़ा, जो ट्रेनों से अब तक 4 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और अन्य सामान चुरा चुके। आरोपियों ने 7 राज्यों में वारदातों को अंजाम दिया। सबसे ज्यादा वारदात तमिलनाड़ में की। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि आरोपी ट्रेनों में फर्जी नाम से रिजर्वेशन करवाकर वारदात को अंजाम देते थे। जीआरपी पुलिस ने बताया- बिहार के अशोक कुमार (65) और रंजन कुमार (47 साल) को 3 सितंबर को पकड़ा था। आरोपियों को देर रात विरुधाचलम (तमिलनाडु) की पुलिस लेकर रवाना हो गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने राजस्थान के जोधपुर, मारवाड़ जंक्शन, आबूरोड के अलावा बिहार, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, असम, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और ​तमिलनाडु में वारदात कर चुके हैं। आरोपी नवम्बर 2016 से लगातार ट्रेनों में चोरियां कर रहे थे। आरोपियों ने जोधपुर में चोरी की वारदात की थी, जिसके बाद से फरार चल रहे थे। आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम बनाई थी ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामान और रुपए चोरी की वारदातों के बढ़ने के बाद जीआरपी की ओर से स्पेशल टीम बनाई गई थी। जीआरपी एसपी जोधपुर केवल राम और जीआरपी सीओ हरिराम सोनी के निर्देशन में जीआरपी थानाधिकारी मुक्ता पारीक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। इसके बाद जीआरपी की विशेष टीम ने आरोपियों को ​डिटेन कर जीआरपी तमिलनाडु को सूचना दी। जीआरपी तमिलनाडु की टीमें दोनों आरोपियों की तलाश में उत्तरप्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में घूम रही थीं। तमिलनाडु पुलिस की स्पेशल टीम के साथ जीआरपी पुलिस ने बिहार में दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ा। बिहार से 3 सितंबर को दोनों आरोपियों को लेकर जोधपुर पहुंचे।