करौली के करणपुर डांग क्षेत्र में एक व्यक्ति की उफनते नाले में बह जाने से मौत हो गई। करीब सात घंटे बाद घटना स्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर उसका शव चंबल नदी से मिला। जानकारी के अनुसार करणपुर निवासी ग्यारसा कोली (50) शनिवार को नाला पार करते समय तेज बहाव की चपेट में आ गया था। वह अपनी भैंसों को जंगल में छोड़कर घर लौट रहा था। रास्ते में नाला पार करते समय अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और वे उसमें बह गया। कुछ देर बाद परिजनों को घर के पास नाले के किनारे उनका आधार कार्ड और पर्स मिला। सामान मिलने के बाद उन्हें ग्यारसा के नाले में बहने की आशंका हुई। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई। घटना की जानकारी मिलने पर करई गांव के लोगों ने नाले में बह रहे ग्यारसा को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वे उसे बचा नहीं पाए। इसके बाद आसपास के लोगों और परिजनों ने उनकी तलाश जारी रखी। करीब सात घंटे बाद कसेड गांव से एक स्टीमर मंगवाया गया। चंबल नदी में ग्यारसा की तलाश शुरू हुई। तलाशी के दौरान करीब 15 किलोमीटर दूर टोडा गांव के पास चंबल नदी के किनारे उसका शव मिला। स्टीमर की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद परिजनों ने शव की पहचान ग्यारसा कोली के रूप में की। डांग क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे यहां के नाले उफान पर हैं। तेज बहाव के चलते नदी-नालों को पार करना ग्रामीणों के लिए खतरनाक बना हुआ है। इस घटना के बाद लोगों से उफनते नालों और नदी के तेज बहाव से दूर रहने की अपील की गई है।