नगर निगम चुनाव के बीच कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल की दिल्ली में प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद कोटा का सियासी पारा चढ़ गया है। गुंजल का कहना है कि पार्टी ने सिंबल तय कर दिए हैं। हम सब एक साथ हैं। शांति धारीवाल और हमारी शहर जिलाध्यक्ष सभी बागियों को समझाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा-कोटा में कांग्रेस का ही बोर्ड बनेगा। दरअसल, 30 अगस्त की रात लिस्ट फाइनल करने के दौरान कोटा के टिकट वितरण के दौरान विवाद सामने आया था। करीब 20-30 फीसदी टिकट प्रहलाद गुंजल के समर्थकों के थे। तब शांति धारीवाल, अशोक चांदना ने दो टूक कह दिया था कि हम टिकट बांट लें या फिर गुंजल से बंटवा लो। प्रहलाद गुंजल के दिल्ली से लौटने के बाद भास्कर ने उनसे शांति धारीवाल और टिकट वितरण समेत कई मुद्दों पर बात की… सवाल: आप कल दिल्ली गए थे, आलाकमान के साथ क्या चर्चा हुई? प्रहलाद गुंजल: मैं अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिलने गया था। प्रियंका गांधी ने प्रदेश स्तर के साथ ही हाड़ौती में पार्टी की स्थिति और सरकार के कामकाज को लेकर बात की। उन्होंने स्थिति को गहराई से समझने का प्रयास किया और मेरे संज्ञान में जो बातें थीं, उसको मैंने पूरी पारदर्शिता के साथ उनके सामने रखा। प्रियंका जी ने एक कार्यकर्ता को 40-50 मिनट का समय दिया। उनका ये व्यवहार ये दिखाता है कि आलाकमान छोटे से छोटे चुनाव को लेकर भी कितना गंभीर है। सवाल: चुनाव में टिकटों और संगठन को लेकर जो स्थितियां बनी थीं, क्या उन पर भी कोई चर्चा हुई? प्रहलाद गुंजल: अंदर क्या बातें हुईं, उसका पूरी तरह खुलासा तो मैं नहीं कर सकता। इतना जरूर कहूंगा कि प्रियंका जी सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के हालात, संगठन और सरकारों के कामकाज की बहुत पैनी निगाह से समीक्षा कर रही हैं। वे कांग्रेस को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह गंभीर हैं। सवाल: जयपुर की बैठकों और कोटा में टिकटों को लेकर नाराजगी की खबरें आईं, पर्यवेक्षकों पर फाइल फेंकी गई, बागी भी खड़े हो सकते हैं। इस पर आप क्या कहेंगे? प्रहलाद गुंजल: आप जिसे विवाद कह रहे हैं, उसे देखने का एक और नजरिया है। सिंबल पाने और अपने कार्यकर्ताओं का पक्ष रखने तक मेरी अपनी लड़ाई थी। अब जब पार्टी ने सिंबल तय कर दिए हैं, तो हम सब एक साथ हैं। मैं अपना पक्ष रख रहा था लेकिन अब मेरी अपनी ताकत और कांग्रेस की पूरी ताकत एक जगह आ चुकी है। इस संयुक्त ताकत के सामने भाजपा कहीं नहीं टिकेगी। हम उन्हें पूरी तरह मात देंगे। सवाल: बागी भी तो मैदान में है, कैसे मनाएंगे ? प्रहलाद गुंजल: शांति धारीवाल जी जैसे नेता और हमारी शहर जिलाध्यक्ष सभी बागियों को समझाने में जुटी हैं। मैं खुद भी लगातार कोशिश कर रहा हूं। अभी-अभी मैंने फोन करके 2-3 लोगों को नामांकन वापस लेने के लिए सहमत किया है। सभी नेता मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मैदान में कोई बागी न रहे। --- जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है कोटा नगर निगम के कांग्रेस प्रत्याशियों की प्रोफाइल