कोटा नगर निगम चुनाव में नामांकन वापसी के बाद कांग्रेस व बीजेपी के बीच 22 वार्डों में आमने-सामने की टक्कर होगी। टिकट दौड़ में शामिल रहे बीजेपी के 6 और कांग्रेस के 7 नेताओं ने दोनों दलों की टेंशन बढ़ा दी हैं। दोनों ही पार्टियों ने इनको टिकट नहीं दिया और न ही इन्हें मना पाई। इसके अलावा दोनों दलों के बागी भी चुनावी मैदान में डटे हैं। इन वार्डों में आमने सामने की टक्कर
इन वार्डों में निर्दलीयों ने ताल ठोकी निगम के 23 वार्ड ऐसे हैं। जहां 3 व 3 से ज्यादा निर्दलीय खड़े हैं। जो दोनों दलों का समीकरण बिगाड़ सकते हैं। इस चुनाव में हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के 4 कैंडिडेट, आप पार्टी, सीपीआईएम भी चुनावी रण में हैं। वार्ड 19, 22, 45 में 6-6 निर्दलीय मैदान में हैं। जबकि वार्ड 12, 16, 52, 64, 70, 92 में 5-5 निर्दलीयों ने ताल ठोक रखी है। पढ़िए किस वार्ड में कितने निर्दलीय बीजेपी-कांग्रेस से 5 दावेदार सबसे प्रभावशाली महापौर के लिए दोनों ही दलों कांग्रेस और भाजपा में 5-5 मजबूत और प्रभावशाली महिला दावेदार खुलकर सामने आ चुकी हैं। कांग्रेस से पूर्व पार्षद अमोलक देवी, कैथून नगर पालिका की पूर्व चेयरपर्सन आईना महक, देव बाई गुर्जर, सीमा यादव और राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखने वाली सविता सुवालका के नाम चर्चा में हैं। भाजपा से अनुसुइया गोस्वामी, प्रतिभा सुमन, सीमा चौधरी, पूर्व पार्षद पुष्पा चौधरी और दीपा आर्य रेस में हैं। बीजेपी की ये 5 महिला दावेदार महापौर के लिए सबसे ज्यादा मजबूत कांग्रेस की ये 5 महिला दावेदार महापौर के लिए सबसे ज्यादा मजबूत भाजपा के 5 प्रमुख दावेदार अनुसुइया गोस्वामी (वार्ड 98, कोटा दक्षिण): संगठन में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुकीं हैं। वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भरोसेमंद मानी जाती हैं। सीमा चौधरी (वार्ड 83, कोटा दक्षिण) यह क्षेत्र लोकसभा अध्यक्ष का गृह वार्ड होने से महत्वपूर्ण है। इनके पति धीरेंद्र चौधरी पूर्व पार्षद और बिरला के नजदीकी रणनीतिकारों में हैं। पुष्पा चौधरी (वार्ड 87, कोटा दक्षिण): खुद पिछले कार्यकाल में पार्षद रह चुकी हैं। इनके पति देवेंद्र चौधरी दो बार पार्षद रहे हैं। इस बार महापौर बनने के लिए चुनावी मैदान में हैं। प्रतिभा सुमन (वार्ड 64, लाडपुरा) इनकी सास और ससुर दोनों पार्षद रह चुके हैं। पति पुलिस में हैं। लाड़पुरा क्षेत्र में प्रभावशाली माली समाज को साधने के लिहाज से पार्टी इन पर दांव खेल सकती है। दीपा आर्य (वार्ड 77, कोटा उत्तर) इनके पति आत्मदीप आर्य सर्राफा बोर्ड व्यापार संघ के अध्यक्ष हैं। जिलाध्यक्ष के नजदीकियों में इनकी गिनती होती है। कांग्रेस में 5 प्रमुख दावेदार अमोलक देवी (वार्ड 57) साल 2004 और 2009 में पार्षद रह चुकी हैं। 2020 में मामूली मतों से हारने के बाद भी मनोनीत पार्षद बनाया। अब चौथी बार मैदान में हैं। पति सोहनलाल इंजीनियर हैं। सविता सुवालका (वार्ड 71, कोटा उत्तर) पूर्व पार्षद राजेंद्र सुवालका की पत्नी और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व कांग्रेस नेता रामेश्वर सुवालका की भाभी हैं। परिवार का राजनीतिक रसूख ताकत है। सीमा यादव (वार्ड 84. कोटा दक्षिण) पूर्व पार्षद एडवोकेट ज्ञान यादव की पत्नी हैं। एम.ए., बी.एड. तक पढ़ी-लिखी हैं। आईना महक (वार्ड 6. लाडपुरा विधानसभा) कैथून नगरपालिका की पूर्व चेयरपर्सन हैं। विधायक प्रत्याशी नईमुद्दीन गुड्डू गुट से हैं। देवबाई गुर्जर (वार्ड 2, रामगंजमंडी विधानसभा): पूर्व पार्षद धनराज चेची की पत्नी हैं और पार्टी के कद्दावर नेता प्रहलाद गुंजल गुट की समर्थक हैं। पार्टी गुर्जर समाज के बड़े जनाधार को साधकर महापौर पद पर दांव खेलती है, तो देवबाई की दावेदारी मजबूत होगी।
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