दस दिन ब्रेक के बाद इस सीजन में मानसून का चौथा फेज एक्टिव हुआ है। बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम से पूर्वी राजस्थान में बीते चौबीस घंटे से मानसून जमकर बरस रहा है। दौसा, सवाई माधोपुर, झालावाड़, भरतपुर सहित कई जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई। सवाई माधोपुर और बूंदी में 3 से 5 इंच तक पानी बरसा। सवाई माधोपुर में शहर के कई इलाकों की सड़कें डूब गईं। रणथंभौर में शेरपुर-खिलचीपुर की रपट पर जलभराव से रास्ता बंद हो गया। भरतपुर जिले के डुमरिया गांव में बिजली गिरने से नाबालिग की मौत हो गई और 2 लोग झुलस गए। वहीं, भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए झालावाड़ में शनिवार को 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। इधर, जयपुर में दिनभर रिमझिम होती रही। कालीसिंध, छापी के गेट खोले झालावाड़ में तीन घंटे मूसलाधार बारिश के बाद कालीसिंध, छापी बांध के 5 गेट खोले गए। बारां में सिरसा नदी उफान पर आ गई है। बूंदी में 75, स.माधोपुर में 135, खंडार में 51, अटरू में 45 एमएम पानी बरसा। राजधानी जयपुर में दिनभर रिमझिम बारिश का दौर चला और तापमान 6 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। दो दिन अलर्ट, 8 से फिर कमजोर पड़ेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार वेल मार्क लो प्रेशर एरिया उत्तरी एमपी और दक्षिण यूपी के ऊपर स्थित है। मानसून ट्रफ लाइन श्रीगंगानगर व इस सिस्टम से होकर गुजर रही है। इस सिस्टम के असर से 5 सितंबर को भरतपुर व कोटा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश व एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश होने की संभावना है। जयपुर, अजमेर व उदयपुर व बीकानेर संभाग के कुछ भागों में हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। 6 सितंबर से राज्य के अधिकांश भागों में पुनः बारिश की गतिविधियों में कमी होने की प्रबल संभावना है। गौरतलब है कि 25 सितंबर तक मानसून प्रदेश से विदा हो जाता है। अभी भी 21 जिले सूखे... इस बार मानसून कमजोर रहने से 21 जिलों में सूखे की स्थिति है। औसत बारिश 378.55 एमएम के मुकाबले अब तक 299.13 एमएम बारिश हुई है।