जयपुर में जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे इस्कॉन मंदिर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। मंदिर परिसर में प्रसाद बनाने के लिए भट्टी जलाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई। देखते ही देखते लपटें VIP पंडाल तक पहुंच गईं। हालात बिगड़ते देख वहां तैनात हेड कॉन्स्टेबल कान सिंह ने जलते हुए सिलेंडर को बाहर फेंक दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भी आज शाम इस्कॉन मंदिर में आने का कार्यक्रम बताया जा रहा है। पहले देखिए, हादसे से जुड़ी ये तस्वीरें… हेड कॉन्स्टेबल ने कई श्रद्धालुओं को बाहर निकाला मुहाना थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल कान सिंह ने आग के बीच पहुंचकर कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि उन्होंने जलते हुए सिलेंडर को मौके से बाहर फेंक दिया, जिससे आग अन्य सिलेंडरों तक नहीं पहुंच पाई और बड़ा खतरा टल गया। इधर, सूचना मिलते ही दमकल की टीम भी मौके पर पहुंच गई। दमकलकर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। थानाधिकारी बोले- प्रसादी बन रही थी, सिलेंडर में आग लगी मुहाना थानाधिकारी मुकेश खराड़िया ने बताया कि घटना के समय मैं गेट पर तैनात था। सूचना मिली कि पांडाल में प्रसादी बन रही थी, वहां भट्टी जलाते समय सिलेंडर ने आग पकड़ ली। इस पर मैंने हेड कॉन्स्टेबल कानसिंह को मौके पर पहुंचने को कहा। वहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी तैनात थी। फायर ब्रिगेड के पानी से भी आग कंट्रोल नहीं हुई। तब कान सिंह ने वहां रखे गद्दे को पहले जलते हुए सिलेंडर पर डाला। हालांकि, इस दौरान भी आग कंट्रोल नहीं हुई। सिलेंडर लगातार आग की लपटों में भभक रहा था। फिर एक गीले कट्टे को सिलेंडर के मुंह पर डाला, जिसके बाद आग बुझ गई। हेड कॉन्स्टेबल बोला- चार प्रयास के बाद आग पर काबू पाया हेड कॉन्स्टेबल कानसिंह ने बताया कि सिलेंडर ब्लास्ट होने का डर था। ऐसे में पहले ही मन में था कि आग को कंट्रोल करना है। इस दौरान फायर बिग्रेड की गाड़ी से दमकलकर्मी सिलेंडर पर पानी डाल रहे थे, लेकिन आग कंट्रोल नहीं हुई। फिर मैंने एक सहयोगी की मदद से जलते सिलेंडर पर गद्दा डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग कंट्रोल नहीं हुई। ऐसे में चौथे प्रयास में जब गीला कट्टा सिलेंडर पर डाला तो आग पर काबू पाया।