नगर निकाय चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद गुरुवार को उम्मीदवार दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापस ले सकतें हैं। जिला परिषद में सुबह 10 बजे से नामांकन पत्र वापस लेने वालों की लाइन लगी हुई। इसके बाद 4 सितंबर को चुनाव चिन्ह का आवंटन होगा। उम्मीदवार कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थन में अपने फॉर्म वापस ले रहे हैं। वहीं दोनों प्रमुख पार्टियां रूठे हुए कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटी हुई दिखीं। कल सिंबल आवंटन के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी कि कितने प्रत्याशी अंतिम रूप से मैदान में हैं। पढ़िए नाम वापसी करते हुए उम्मीदवारों ने क्या कहा- श्रीगंगानगर नगर परिषद में इस बार निर्दलीय उम्मीदवार समीकरण बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने कई पुराने कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दी। नतीजा यह हुआ कि वे बागी हो गए और निर्दलीय मैदान में उतर आए। वार्ड 29 से निर्दलीय परमिंदर सिंह ने नामांकन वापस लेते हुए कहा- पिछले 26 साल से कांग्रेस में सेवा कर रहा हूं। पार्टी ने मुझे टिकट नहीं दी, यह दुख की बात है। पार्टी हमेशा पैसे वालों या सिफारिश वालों को टिकट देती है। इसलिए मैंने निर्दलीय फॉर्म भरा था। अब कुलदीप मक्कड़ के समर्थन में फॉर्म वापस ले रहा हूं। न फूल रहेगा, न हाथ रहेगा, परमिंदर सिंह काका का कुलदीप मक्कड़ को साथ रहेगा। वार्ड 34 से निर्दलीय प्रत्याशी सुमन लिम्बा ने कहा- मैं और मेरे पति लंबे समय से कांग्रेस में थे, लेकिन पार्टी ने हमें टिकट नहीं दी। इसलिए रोष है और मैं निर्दलीय लड़ रही हूं। आज कई निर्दलीय प्रत्याशियों को मनाकर लाई हूं, जो मेरे समर्थन में फॉर्म उठा रहे हैं। वार्ड 42 से कृष्णा देवी ने भाजपा के समर्थन में नामांकन वापस लिया। उन्होंने कहा- पार्टी ने भले ही हमें टिकट न दिया हो, लेकिन हम भाजपा के साथ हैं। उनके पति मंगल चंद ने बताया- मैं भाजपा का कर्मठ कार्यकर्ता हूं। किसी कारण से टिकट नहीं मिली तो कोई बात नहीं। भाजपा मेरा परिवार है, मैं हमेशा पार्टी के साथ रहूंगा।