भरतपुर की रूपवास विधानसभा से 3 बार विधायक रहे निर्भय लाल जाटव का निधन हो गया। उनकी उम्र 80 साल थी। निर्भय लाल जाटव के निधन की सूचना मिलने के बाद कांग्रेस के सभी नेता श्रद्धांजलि दी रहे हैं। महलपुर काछी गांव के रहने वाले थे निर्भय लाल जाटव पूर्व विधायक निर्भय लाल जाटव महलपुर काछी गांव की रहने वाले थे। उनके पिता का नाम नत्थी लाल था। उनका जन्म 20 सितंबर 1947 को हुआ था। वह शुरू से जमीन से जुड़े नेताओं की तरह काम करते थे। निर्भय लाल जाटव जनता दल से साल 1990 से 92 में विधायक रहे। 1998 में पहली बार कांग्रेस से लड़े थे चुनाव उसके बाद निर्भय लाल जाटव ने कांग्रेस जॉइन कर ली। साल 1998 में निर्भय लाल जाटव कांग्रेस से चुनाव लड़े और विधायक बने। साल 2003 तक वह विधायक रहे। साल 2003 में वह फिर से चुनाव लड़े और साल 2008 तक विधायक रहे। निर्भल लाल ने अपनी शिक्षा रूपवास से ही पूरी की। 2008 में विधानसभा का हुआ था परिसीमन दरअसल पहले रूपवास विधानसभा अलग हुआ करती थी। साल 2008 में विधानसभाओं का परिसीमन किया गया। तब रूपवास विधानसभा को बयाना विधानसभा में मर्ज कर दिया गया। परिसीमन के दौरान ही बयाना विधानसभा सीट को SC के लिए रिजर्व कर दिया गया। पूर्व सीएम गहलोत ने दी श्रद्धांजलि पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि रूपवास के पूर्व विधायक श्री निर्भय लाल जाटव के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। वे लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। कुछ समय पूर्व ही मेरी उनसे मुलाकात हुई थी। वे बयाना-रूपवास क्षेत्र में कांग्रेस के मजबूत स्तंभ थे। मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिजनों को हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं। पूर्व केबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने दी श्रद्धांजलि विधानसभा रूपवास के तीन बार विधायक रहे निर्भयलाल जाटव जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। दिवंगत आत्मा को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, जनसेवा और समाज के प्रति उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके निधन से समाज एवं क्षेत्र ने एक समर्पित जनसेवक को खो दिया है।ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।