निगम चुनाव में पार्षद बनने के लिए टिकट की दौड़ तेज है, लेकिन चुनावी मैदान में उतरने से पहले दावेदारों को एक और चुनौती से गुजरना पड़ रहा। पार्षद पद के आवेदन के साथ यूडी टैक्स की एनओसी लेना जरूरी है। अब तक 278 दावेदार नगर निगम से यूडी टैक्स की एनओसी ले चुके हैं। इसके बदले निगम को करीब 10 लाख रुपए राजस्व मिला है। राजधानी में 150 वार्ड हैं। भाजपा और कांग्रेस सभी वार्डों से प्रत्याशी मैदान में उतारेंगी, यानी दोनों प्रमुख दलों के करीब 300 उम्मीदवारों को एनओसी लेनी होगी। इसके अलावा टिकट नहीं मिलने पर बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या भी ज्यादा रहने की संभावना है। करीब 750 निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों के साथ आंकड़ा करीब 1050 तक जाएगा। 1050 संभावित उम्मीदवार चुनाव में पार्षद के आवेदन के साथ यूडी टैक्स की एनओसी जरूरी होने से दावेदारों को चुनावी रणनीति के साथ संपत्ति का टैक्स रिकॉर्ड भी दुरुस्त करना पड़ रहा है। चुनाव से पहले दावेदारों को निगम के रिकॉर्ड में भी हिसाब साफ करना होगा। एनओसी से औसतन 3600 रुपए की आय: 278 एनओसी से निगम को करीब 10 लाख रुपए का राजस्व मिला है। निगम को प्रति एनओसी करीब 3,600 रुपए आय हो रही है। 1050 उम्मीदवार एनओसी लेते हैं और औसत राजस्व इसी स्तर पर रहता है तो एनओसी से निगम की कुल आय करीब 38 लाख रुपए तक पहुंच सकती है।