शहर में 5 दिन में फायरिंग का चौथा मामला सामने आया है। अंबामाता थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात धाक जमाने के लिए हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों ने युवक के मकान के बाहर गोलियां बरसाईं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर 12 घंटों में 3 आरोपियों को गिरफ्तार और एक नाबालिग को डिटेन कर लिया। आरोपी भीलवाड़ा और डबोक में छिपे थे। वहां से लाते समय हिस्ट्रीशीटर समेत तीन आरोपियों ने रास्ते में लघुशंका के बहाने भागने का प्रयास किया। इस दौरान खड्डे में गिरने से तीनों के पैर टूट गए। इन्हें पकड़ने के दौरान कांस्टेबल फिरोज की नाक पर भी चोट आई। एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि अंबामाता के धोली मगरी निवासी हिस्ट्रीशीटर इस्माइल उर्फ बड़ा मेवाती उर्फ मन्नू की मल्लातलाई के गरीब नवाज कॉलोनी निवासी मोहम्मद आरिफ व अरबाज खान से वर्चस्व को लेकर लंबे समय से रंजिश है। गुरुवार रात 1:17 बजे बड़ा मेवाती अपने साथी धोली मगरी निवासी समीर मेवाती उर्फ बिट्‌टू, गरीब नवाज कॉलोनी निवासी ताज मोहम्मद उर्फ शेरा और एक नाबालिग को लेकर आरिफ और अरबाज के घर के बाहर पहुंचा। मकान पर बीयर की बोतलें फेंकी। इसके बाद गेट पर फायरिंग करके सभी भाग गए। लघुशंका के बहाने गाड़ी रुकवाई, भागने की कोशिश में टूट गई टांगें पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी करवाई। फिर उनकी लोकेशन निकाली। इसमें तीन आरोपियों के भीलवाड़ा और एक के डबोक में छिपा होना पाया। डीएसटी प्रभारी भरत योगी व अंबामाता थानाधिकारी हुकम सिंह मय टीम ने रात में तीनों को भीलवाड़ा के छापरी गांव से दबोचा। नाबालिग को डबोक से पकड़ा। वह महिलाओं के कपड़े पहनकर छिपा था। पुलिस शुक्रवार दोपहर आरोपियों को उदयपुर ला रही थी। चीरवा टनल के पास उन्होंने लघुशंका के बहाने गाड़ी रुकवाई व भागने लगे। संतुलन बिगड़ने से खड्डे में गिरने से तीनों के पैरों में चोट आई। एक कांस्टेबल भी घायल हुआ। सभी का एमबी हॉस्पिटल में इलाज करवा गया। अरबाज पिस्टल लेकर मारने गया था, बदले में हिस्ट्रीशीटर ने की फायरिंग अरबाज और बड़ा मेवाती एक ही इलाके में रहते हैं। दोनों में वर्चस्व की रंजिश है। मेवाती हिस्ट्रीशीटर इमरान कूंजड़ा गिरोह का सदस्य है। कुछ माह पहले बड़ा मेवाती ने अरबाज को बाइक से कट मारकर धमकाया था। मोहल्ला छोड़कर चले जाने के लिए भी धमकाया था। इसलिए तीन माह पहले अरबाज खान पिस्टल लेकर बड़ा मेवाती को धमकाने उसके घर गया था। वहां से पुलिस ने उसे दबोच लिया था। इसके बाद से बड़ा मेवाती उससे बदला लेने की फिराक में था। अरबाज को भी इस बारे में पता था। ऐसे में वह आरिफ को बॉडीगार्ड के रूप में साथ रखता था। आरिफ जिम में प्रोटीन बेचने का काम करता है। इन्हें डराने धमकाने के लिए हिस्ट्रीशीटर ने फायरिंग कर दी।