पाली के निकाय चुनाव में में इस बार जेन-जी की पॉलिटिकल की एंट्री हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने इस बार इस जनरेशन को टिकट दिया है। जहां भाजपा ने 9, कांग्रेस ने 8 जेन-जी को टिकट दिया है। वहीं 13 निर्दलीय जेन-जी इस बार चुनावी मैदान में हैं। युवा उम्मीदवारों में 30 से 40 साल तक की उम्र के 21 प्रत्याशी बीजेपी से, 13 प्रत्याशी कांग्रेस से तो इसी एज ग्रुप से 39 निर्दलीय मैदान में उतरे हैं। इसमें 1 आरएलपी का भी उम्मीदवार है। युवाओं पर दांव क्यों? 18 से 25 साल (जेन-जी वर्ग) के पाली नगर निगम क्षेत्र में 25 हजार 102 वोटर हैं। जो कुल वोटर 181704 का 13.81% है। इसके साथ ही 26 से 35 आयु वर्ग के 48 हजार 464 वोटर है। जो कुल वोटर का 26.67% है। 13.81% जेन-जी वोटर ऐसे हैं जो पार्टी या केवल लुभावने वादों के बजाय सटीक मुद्दों, प्रत्याशी के जमीनी काम और प्रमाणिकता पर भरोसा करते है। इसी जेन-जीन को फैक्टर को साधने के लिए दोनों ही पार्टियों ने युवाओं पर भरोसा जताया। कुल वोटर्स के 40 प्रतिशत युवा पाली नगर निकाय क्षेत्र में 18 से 25 साल के 25,102 और 26 से 35 साल के 48,464 वोटर हैं। जो कुल वोटर 1,81,704 का 40.58% प्रतिशत हैं। स्थानीय निकाय चुनाव में जीत-हार का अंतर बहुत कम होता है। यही कारण है कि इतने बड़े वोट बैंक को अपने पक्ष में करने के लिए दोनों ही दल जुटे हुए हैं। पढ़िए निकाय चुनाव का दिलचस्प समीकरण सबसे बुजुर्ग उम्मीदवार: वार्ड 10 के रामदयाल (BJP) इस चुनाव के सबसे बुजुर्ग उम्मीदवार हैं, जिनकी उम्र 74 साल हैं। इसके बाद वार्ड 15 के ललित प्रितमानी (BJP) हैं, जिनकी उम्र 72 वर्ष है। सबसे युवा उम्मीदवार: वार्ड 29 की सुल्ताना बानो (BJP) सबसे युवा उम्मीदवार हैं, जिनकी उम्र मात्र 23 साल है। 24 साल की उम्र के तीन युवा उम्मीदवार मैदान में हैं अब पढ़िए कुल कितने GEN Z मैदान में 25 साल के 6 प्रत्याशी मैदान में कुल कितने प्रत्याशी है चुनावी मैदान में