पाली जिले में प्रशासन की पूरी कोशिशों के बाद भी निकाय चुनाव में इस बार वोटिंग कम हुई। सबसे ज्यादा गिरावट सादड़ी नगर पालिका में दिखी, जहां इस बार 66.42% वोट पड़े। जबकि 2021 में यहां 71.25% वोटिंग हुई थी। वहीं रानी खुर्द में सबसे कम 0.23% वोट घटे और 76.15% मतदान हुआ। पाली नगर निगम समेत बाली, फालना, सुमेरपुर, तख्तगढ़ और सोजत में भी वोटिंग में करीब 2.63% की कमी आई। इससे साफ है कि लोग वोट डालने के लिए कम बाहर निकले। भाजपा और कांग्रेस के लिए साख का सवाल जानकारों के अनुसार, कम वोटिंग का फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। फिलहाल जिले के किसी भी निकाय में कांग्रेस का बोर्ड नहीं है, इसलिए उसके पास खोने को कुछ नहीं है। वहीं भाजपा के लिए अपनी सीटें बचाना बड़ी चुनौती है। ऐसे में यह चुनाव दोनों ही पार्टियों के लिए साख का सवाल बन गया है। 14 सितंबर को आएगा फैसला वोटिंग खत्म होने के बाद सभी EVM मशीनों को पाली के बांगड़ कॉलेज लाया गया है। यहां तीन स्तर (थ्री-लेयर) की सख्त सुरक्षा और हथियारबंद जवानों के पहरे में मशीनों को बंद रखा गया है। दोनों ही पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा कर रही हैं। ऐसे में 14 सितंबर को नतीजों के बाद बोर्ड गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब पढ़िए- चुनाव आयोग से जारी आंकड़ें