सीकर नगर परिषद में वोटिंग खत्म होने के साथ ही 64 वार्डों के 262 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है। सीकर में इस बार 2019 के मुकाबले 1.13 प्रतिशत ज्यादा मतदान हुआ है। मतदान प्रतिशत बढ़ने के बाद कांग्रेस को बढ़त मिलने के आसार जताए जा रहे हैं, जबकि भाजपा को अपनी पिछली स्थिति के मुकाबले सीटें बढ़ने की उम्मीद है। दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबला नजदीकी रहने की संभावना के बीच निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे में बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीय पार्षद किंगमेकर की भूमिका में आ सकते हैं। बता दें कि वोटों की काउंटिंग 14 सितंबर को होगी, इसके बाद 21 सितंबर को चेयरमैन और 22 सितंबर को वाइस चेयरमैन के चुनाव होंगे। शहर की सरकार चुनने के लिए इस बार भी वोटर्स में गजब का उत्साह देखने को मिला। सीकर नगर परिषद क्षेत्र की 72.21 प्रतिशत वोटिंग ने राजनीतिक पंडितों के समीकरण को भी उलझा दिया है। 2019 के चुनाव के मुकाबले वोटिंग में 1.13 प्रतिशत बढ़ोतरी सीकर में 2014 के नगर परिषद चुनाव के बाद सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। SIR के विरोध को देखते हुए सीकर में इस बार वोटिंग घटने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन इसके उलट सीकर में 2019 के चुनाव के मुकाबले वोटिंग में 1.13 प्रतिशत बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि, सीकर में 2014 के नगर परिषद चुनाव में रिकॉर्ड 74 प्रतिशत पोलिंग हुई थी। वोटिंग के बाद भाजपा-कांग्रेस का बोर्ड बनाने का गणित सीकर में वोटिंग के बाद बोर्ड बनाने की गणित शुरू हो गई है। सभापति का पद इस बार अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व है। ऐसे में महिलाओं के साथ उनके प्रतिनिधियों की बाड़ाबंदी भी की जाएगी। कांग्रेस की ओर से सीकर विधायक राजेंद्र पारीक और जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने मोर्चा संभाला है तो वहीं, भाजपा के कुनबे को पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी और जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ लीड कर रहे हैं। कांग्रेस ने सभी प्रत्याशियों को फोन करने शुरू कर दिए हैं। वहीं, भाजपा ने सिंबल के सभी प्रत्याशियों को सुरक्षित जगह भेजने की तैयारी कर ली है। इसके लिए भाजपा के प्रत्याशियों को पूर्व विधायक के आवास पर बुलाया गया है। सीकर में कांग्रेस सभी प्रत्याशियों को साध रही है, वहीं, भाजपा ने निर्दलीयों से भी संपर्क साधा है। दोनों प्रमुख दलों की सीटों में ज्यादा अंतर नहीं रहेगा अभी तक के चुनावी आंकलन से सीकर में रिवायत की तरह कांग्रेस बढ़त बनाती दिख रही है। वहीं, भाजपा को बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों का सहारा लेना पड़ सकता है। स्थानीय स्तर पर अंदरखाने की गुटबाजी से जूझ रही भाजपा की सीटें जरूर बढ़ रही हैं। सट्टा बाजार की मानें तो दोनों प्रमुख दलों की सीटों में ज्यादा अंतर नहीं रहेगा। सीकर में कांग्रेस की परंपरा, सिर्फ डायरेक्ट इलेक्शन में जीती भाजपा सीकर नगर परिषद के बोर्ड में आज तक कांग्रेस का कब्जा रहा है। एक बार डायरेक्टर हुए उपचुनाव में भाजपा की राजेश्वरी सैनी सभापति बनीं थीं। पिछले 2 कार्यकाल में यहां कांग्रेस के जीवण खां सभापति बने। ऐसे में सीकर में कांग्रेस का बोर्ड एक परंपरा की तरह हो गया है। हालांकि, इस बार भाजपा ने बोर्ड बनाने की कोशिशों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। सभापति के लिए लॉबिंग शुरू, कांग्रेस की गणित सरल, भाजपा में उलझन सीकर में मतदान खत्म होने के बाद सभापति पद के लिए लॉबिंग शुरू हो गई है। कांग्रेस में दावेदार कम नजर आ रहे हैं। वहीं, भाजपा में कोई सीधी दावेदारी नहीं कर रहा है, क्योंकि भाजपा का बोर्ड बनने की स्थिति में जयपुर से सभापति का नाम तय होने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, निर्दलीयों के झुकाव को भी तवज्जो मिलने की संभावना नजर आ रही है। कब किसका बोर्ड रहा सभापति के लिए भाजपा और कांग्रेस में कास्ट मैनेजमेंट की गणित का भी ध्यान सभापति के लिए भाजपा और कांग्रेस में कास्ट मैनेजमेंट की गणित को भी ध्यान में रखा जाएगा। पूरी संभावना है कि कांग्रेस का बोर्ड बनने पर मुस्लिम समाज से सभापति बनेगी और भाजपा का बोर्ड बनने पर माली समाज की सभापति पद ताजपोशी हो सकती है। आपको बता दें कि सीकर नगर परिषद के परिसीमन में कुछ ग्रामीण इलाके भी जुड़े हैं, ऐसे में जाट समाज से सभापति होने की संभावना से मना नहीं किया जा सकता। वहीं दोनों ही दल 16 सितंबर को चौंकाने वाले नाम भी ला सकते हैं। सभापति पद के लिए कांग्रेस में निवर्तमान सभापति जीवण खां की पत्नी वार्ड नं-15 से प्रत्याशी खतीजा बानो, वार्ड नं- 19 से सूबे दौलत और वार्ड नं-40 से किरण चौधरी को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। सूबे दौलत के पति अब्दुल रज्जाक पंवार काफी समय से पार्षद रहे हैं और स्थानीय राजनीति में पूरा दखल रखते हैं। इधर, किरण चौधरी पूर्व उपसभापति अशोक चौधरी की पुत्रवधू हैं। सभापति पद के लिए भाजपा में वार्ड नं-28 से कंचन खड़ाेलिया, वार्ड नं-46 से मोनिका सैनी, वार्ड नं-48 से सरोज सैनी का प्रमुखता से चर्चा में है। हालांकि, भाजपा की वार्ड नं-50 से प्रत्याशी सोनल चौधरी का नाम भी आ सकता है।