यहां से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-37 ए पर पिछले कई वर्षों से रोडवेज बसों की कमी क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। पिछले कई वर्षों से पर्याप्त बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को मजबूरन निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। रोडवेज बसों की कमी का फायदा निजी वाहन चालक उठा रहे हैं और यात्रियों से दोगुना किराया वसूल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। करीब 10 माह पहले ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा को ज्ञापन सौंपकर रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की थी। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। कस्बे से दूदू जाने के लिए पहली रोडवेज बस सुबह 7:45 बजे मिलती है, लेकिन मालपुरा जाने के लिए सुबह 9:45 बजे से पहले कोई रोडवेज बस उपलब्ध नहीं है। मालपुरा उपखंड मुख्यालय होने के साथ ही क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। क्षेत्र के विद्यार्थी भी उच्च शिक्षा के लिए प्रतिदिन मालपुरा आते-जाते हैं। ऐसे में पर्याप्त बस सेवा नहीं होने से विद्यार्थियों सहित आम यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार दोपहर 2 बजे बाद पचेवर से तथा मालपुरा जाने के लिए तथा दोपहर 3:30 बजे बाद मालपुरा से पचेवर आने के लिए रोडवेज बस की सुविधा नहीं है।