पटना में आज दलित संगठन “आरक्षण बढ़ाओ, संविधान बचाओ” आंदोलन मार्च निकाला। गांधी मैदान से निकले इस मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का गांधी मैदान से होते हुए लोकभवन तक जाने का प्लान था। इससे पहले गांधी मैदान में अंबेडकर और गांधी के पोस्टर लेकर लोग सड़कों पर उतरे। इन पर लिखा था- सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण लागू करो। जो दलितों से टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा…के नारे भी लगे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस भी अलर्ट रही। जेपी गोलबंर और डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग की गई। डाकबंगला पर 23 थानेदार, 9 ASP-DSP समेत 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। समिति के संयोजक अमर आजाद ने कहा कि अभी भी देश में दलित आदिवासी समाज पर अत्याचार जाति के आधार पर हो रहा है। दलित IAS-IPS कुछ भी बन जाए उन्हें उनकी जाति के नाम से प्रताड़ित किया जाता है। इसके बावजूद कुछ लोग SC-ST के लोगों को मिलने वाले आरक्षण का विरोध कर रहे हैं ये बिल्कुल गलत बात है। अभी भी निजी क्षेत्र न्यायपालिका में आरक्षण नहीं हैं, सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण नहीं है। बिहार में दलित, आदिवासी, पिछड़े समाज के आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65% किया जाए। प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें देखिए… अब जानिए आरक्षण पर किसने क्या कहा ये खबर भी पढ़िए…. चिराग, मांझी-अशोक चौधरी जैसे दलित नेताओं की संपत्ति 400% बढ़ी:बिहार में 46% दलित 6000 भी नहीं कमा रहे, पासवान-मुसहर टोला के लोग बोले-मजदूरी करते मर जाएंगे दलित संगठन के प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…