वन मंडल की ओर से नवीन पौधशाला, आवां में जिला स्तरीय वन महोत्सव आयोजित किया गया। जिला प्रभारी सचिव विश्वमोहन शर्मा ने मुख्य आतिथ्य में एक पेड़ मां यशोदा के नाम’ मुहिम के तहत 1000 से अधिक पौधों का पौधारोपण किया। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधों के संरक्षण व नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। जिला सचिव ने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की निरंतर जिम्मेदारी है। लगाए गए पौधों की देखभाल सुनिश्चित होने पर ही पौधारोपण का उद्देश्य पूरा होगा। आवां प्रशासक (सरपंच) दिव्यांग भारद्वाज ने हरित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए आमजन की भागीदारी को जरुरी बताया। कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए अधिकाधिक पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी बताते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी की अपील की। एसपी रोशन मीणा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण समाज की साझा जिम्मेदारी बताते हुए लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे जनभागीदारी वाले कार्यक्रमों को जरुरी बताया। डीसीएफ संदीप छलानी ने वन विभाग की ओर से संचालित पौधारोपण व संरक्षण गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के तहत लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल पर भी जोर दिया जा रहा है। एसीएफ अनुराग महर्षि ने बताया कि कार्यक्रम कठपुतली नृत्य और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से वन एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के सा-साथ आमजन को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस लाइन में 600 पौधे रोपे : हरियालो राजस्थान अभियान के तहत रिजर्व पुलिस लाइन, टोंक में पौधारोपण हुआ। एसपी रोशन मीणा व एएसपी रतनलाल भार्गव के निर्देश पर पुलिस लाइन परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 600 पौधे लगाए गए। पुलिस लाइन प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन देवराज बताया कि पुलिस अधिकारियों, जवानों सहित स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया। वही अभियान के तहत पुलिस लाइन परिसर में चरणबद्ध तरीके से अब तक कुल 1800 छायादार व फलदार पौधे लगाए जा चुके हैं।