सफाई, सीवरेज, पेयजल, टूटी सड़कों को लेकर घेरेगी जनता , वैशाली नगर, मानसरोवर, सांगानेर और गोनेर के लोगों ने दी मतदान बहिष्कार की चेतावनी जयपुर निगम चुनाव का बिगुल बजते ही जहां भाजपा-कांग्रेस टिकट दावेदारों पर जद्दोजहद कर रही है, वहीं शहर की कॉलोनियों में जनसमस्याओं की पीड़ा झेल रही जनता मतदान के बहिष्कार की हुंकार भरने लगी है। सीवरेज, ड्रेनेज, सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट्स और जलभराव की समस्या से परेशान जनता ने चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। कई इलाकों में सरकारी जमीनों पर बसी कॉलोनियों, हाईटेंशन लाइन कॉरिडोर में निर्माण पर नोटिस, रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से जनता में आक्रोश है। इन लोगों के मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी से सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की टेंशन बढ़ गई है। सांगानेर-बगरू विधानसभा क्षेत्र के 30 हजार मतदाता प्रभावित सांगानेर और बगरू विधानसभा में 86 कॉलोनियों के नियमन का मुद्दा चुनाव आते ही फिर चर्चा में आ गया है। हाउसिंग बोर्ड की जमीनों पर बसी इन कॉलोनियों के निवासियों ने महापंचायत कर नियमन नहीं होने तक चुनाव बहिष्कार की घोषणा कर दी है। इन कॉलोनियों में मतदान बहिष्कार के बैनर तक लगा दिए गए हैं। साथ ही घर-घर निगम चुनाव में वोट नहीं देने के पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं। सांगानेर और बगरू विधानसभा क्षेत्र में वार्ड 52, 53, 55, 63, 64 और 65 में 25 से 30 हजार वोटर्स प्रभावित हो रहे हैं। वैशाली; रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों से परेशानी वैशाली नगर की नेमी सागर कॉलोनीवासियों ने रिहायशी इलाके के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने पर चुनाव बहिष्कार का आह्वान किया है। वार्ड संख्या 30 और 31 की कॉलोनियों में 400-500 परिवार रहते हैं। निवासियों ने जेडीए और पुलिस प्रशासन को भी शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो निकाय चुनाव में मतदान बहिष्कार करेंगे। रिहायशी इलाके में व्यावसायिक गतिविधियां होने से पार्किंग और देर रात तक बजने वाले तेज म्यूजिक से लोग परेशान हैं। साथ ही गंदगी, क्षतिग्रस्त सड़कें और सुरक्षा का मुद्दा भी उठा। गजसिंहपुरा; हाईटेंशन लाइन ने बढ़ाई टेंशन गजसिंहपुरा इलाके में 10 से ज्यादा कॉलोनियों में 400 से 500 मकान हाइटेंशन लाइन सेफ्टी कॉरिडोर की जद में हैं। मामला कोर्ट में चल रहा है। जेडीए ने कॉरिडोर में मकानों व दुकानों को अवैध मानकर ध्वस्तीकरण के नोटिस थमा रखे हैं। प्रभावितों का कहना है मकान वर्षों से बने हुए हैं, सरकार हाइटेंशन लाइन को अंडरग्राउंड कर राहत दे सकती है। यहां भी लोगों ने निगम चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी है। ऐसे में हाइटेंशन लाइन ने राजनीतिक दलों की टेंशन बढ़ा दी है। वार्ड 34 और 39 के लोग इस समस्या से प्रभावित हैं। वार्ड 29 में भी क्षतिग्रस्त सड़कों और जलभराव की समस्या को लेकर लोगों में आक्रोश है।