राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के 14वें संस्करण का आयोजन 26 सितंबर को मानसरोवर स्थित दीप स्मृति ऑडिटोरियम में किया जाएगा। समारोह की हॉस्टिंग बॉलीवुड एक्टर शरमन जोशी और ईशा कोप्पिकर करेंगे। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों और विभिन्न भारतीय भाषाओं में निर्मित फिल्मों, कलाकारों, निर्देशकों और सिनेमा से जुड़े प्रतिभाशाली लोगों को सम्मानित किया जाएगा। राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के इस संस्करण में बॉलीवुड एक्टर शरमन जोशी की मौजूदगी खास आकर्षण होगी। ‘3 इडियट्स’ के किरदार ने दिलाई सराहना बता दें कि शरमन जोशी ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत फिल्म ‘गॉडमदर’ से की थी। इसके बाद ‘स्टाइल’ और ‘एक्सक्यूज मी’ जैसी फिल्मों से उन्होंने अपनी पहचान बनाई। 2006 में आई ‘रंग दे बसंती’ और ‘गोलमाल’ ने उन्हें बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाया। ‘3 इडियट्स’ में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली। इस फिल्म के लिए उन्हें आईफा अवॉर्ड्स में सहायक अभिनेता का पुरस्कार भी मिला। इसके अलावा ‘फरारी की सवारी’, ‘1920 लंदन’, ‘हेट स्टोरी 3’, ‘वजह तुम हो’, ‘3 स्टोरीज’, ‘काशी इन सर्च ऑफ गंगा’, ‘मिशन मंगल’ जैसी फिल्मों में भी वह नजर आए हैं। ‘खल्लास गर्ल’ के नाम से मशहूर हुईं ईशा कोप्पिकर बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर ने दक्षिण भारतीय फिल्मों से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और बाद में हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘डब्ल्यू/ओ वी. वर प्रसाद’ से पर्दे पर कदम रखा था। इसके बाद तमिल, कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों में काम करने के बाद वर्ष 2000 में ‘फिजा’ से हिंदी सिनेमा में उनकी शुरुआत हुई। ईशा कोप्पिकर ने ‘प्यार इश्क और मोहब्बत’, ‘आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया’, ‘कंपनी’, ‘कांटे’, ‘दिल का रिश्ता’, ‘कयामत : सिटी अंडर थ्रेट’, एलओसी कारगिल’, ‘कृष्णा कॉटेज’, ‘क्या कूल हैं हम’, ‘36 चाइना टाउन’, ‘सलाम-ए-इश्क’, ‘डार्लिंग’, ‘एक विवाह ऐसा भी’ जैसी फिल्मों में काम किया। ‘कंपनी’ फिल्म के गीत ‘खल्लास’ के बाद ईशा कोप्पिकर को दर्शकों के बीच ‘खल्लास गर्ल’ के नाम से भी लोकप्रियता मिली। वहीं ‘कयामत : सिटी अंडर थ्रेट’ में उनके अभिनय ने उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार में नकारात्मक भूमिका की श्रेणी में नामांकन दिलाया। राजस्थानी सिनेमा से शुरू हुआ सफर, अब पूरे देश का मंच साल 2013 में शुरू हुआ राजस्थान फिल्म फेस्टिवल आज केवल राजस्थानी फिल्मों और कलाकारों को सम्मान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभर की क्षेत्रीय भाषाओं, संस्कृतियों और उनसे जुड़े फिल्मकारों एवं कलाकारों को एक साझा मंच देने की पहल बन चुका है। आरएफएफ की संस्थापक संजना शर्मा ने बताया- इस फेस्ट की शुरुआत उस सोच के साथ हुई थी कि क्षेत्रीय फिल्म उद्योग लगातार बेहतरीन और मौलिक काम कर रहे हैं। लेकिन मुख्यधारा के सिनेमा के बड़े मंचों पर उन्हें वह पहचान और सम्मान नहीं मिल पाता, जिसके वे हकदार हैं। शुरुआत में हमारा उद्देश्य राजस्थानी सिनेमा को ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहां प्रदेश के कलाकारों, फिल्मकारों और तकनीशियनों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सम्मान हासिल करने का अवसर मिले। 2019 से पूरे भारत के क्षेत्रीय सिनेमा का साझा मंच उन्होंने कहा कि साल 2019 से राजस्थान फिल्म फेस्टिवल ने देशभर के क्षेत्रीय सिनेमा को अपने मंच पर प्रमुखता से स्थान देना शुरू किया। अलग-अलग राज्यों के फिल्मकारों, कलाकारों और सिनेमा से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने की कोशिश के साथ आरएफएफ भारतीय सिनेमा की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को सामने रखने वाला आयोजन बन गया। फेस्टिवल का मूल विजन ‘नई सोच, नई दिशा’ है। 2013 में पहले आयोजन से शुरू हुआ आरएफएफ का सफर अब एक दशक से अधिक लंबा हो चुका है। अब तक एक लाख से अधिक दर्शक और सिनेमा प्रेमी फेस्टिवल से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुके हैं। वहीं, सोशल मीडिया के जरिए आरएफएफ की गतिविधियां लगभग 30 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है। जावेद अख्तर से गोविंदा तक कई दिग्गज बन चुके हैं मेहमान राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के मंच पर देश के सिनेमा जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां अतिथि के तौर पर शामिल हो चुकी हैं। इनमें गीतकार और लेखक जावेद अख्तर, दिग्गज अभिनेता जितेंद्र, अभिनेता गोविंदा, निर्देशक सुभाष घई, अभिनेता-निर्देशक सतीश कौशिक, अभिनेत्री भाग्यश्री और संगीतकार मिथुन शर्मा सहित कई नाम शामिल हैं। सिनेमा में लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए राजस्थान फिल्म फेस्टिवल की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी प्रदान किया जाता रहा है। अब तक अभिनेता शक्ति कपूर, गुलशन ग्रोवर और संजय मिश्रा, ग्रैमी पुरस्कार विजेता पंडित विश्व मोहन भट्ट तथा संगीत निर्देशक दिलीप सेन जैसे दिग्गजों को यह सम्मान दिया जा चुका है। चंकी पांडे, अरबाज खान जैसे नाम संभाल चुके हैं मंच राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के समारोह में मेजबानी भी हमेशा आकर्षण का केंद्र रही है। अलग-अलग सालों में बॉलीवुड के कई कलाकार आरएफएफ के मंच की कमान संभाल चुके हैं। इनमें चंकी पांडे, अरबाज खान, नेहा धूपिया, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, महिमा चौधरी, आफताब शिवदासानी, डेजी शाह और सुमित व्यास जैसे कलाकार शामिल हैं। आरएफएफ में फिल्मों के साथ-साथ संगीत और लाइव प्रस्तुतियां भी हमेशा महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। समारोह के मंच पर राजस्थान और देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े कई लोकप्रिय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं। इनमें मामे खान, स्वरूप खान, मोती खान, मोहम्मद इरफान, गजेंद्र वर्मा, रविंद्र उपाध्याय, भंवरी देवी, खेता खान, सवाई भाट, रैपरिया बालम, कुणाल वर्मा, नीलू वाघेला, विकल्प मेहता, श्रवण सागर, चारू असोपा, रिनी चंद्रा और हनी ट्रूपर जैसे कलाकार शामिल हैं। फिल्म समारोह से पहले संवाद, संस्कृति और सिनेमा पर मंथन संजना शर्मा ने कहा कि राजस्थान फिल्म फेस्टिवल की एक खास पहल समारोह से एक दिन पहले आयोजित होने वाला विशेष संवाद कार्यक्रम भी है। इसमें देशभर से आए कलाकार, फिल्मकार और सिनेमा जगत से जुड़े दिग्गज हिस्सा लेते हैं। इस संवाद में कलाकार अपने-अपने राज्यों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, लोककथाओं और कहानियों के साथ-साथ क्षेत्रीय सिनेमा की मौजूदा स्थिति, उसकी चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करते हैं।