नगर निकाय चुनाव में नामांकन वापसी के बाद जो तस्वीर बनी उसमें भाजपा अब तक सबसे ज्यादा बढ़त में है। प्रदेश में 77 निर्विरोध सीटों में से भाजपा ने अकेले 44 सीटों पर कब्जा जमाकर विपक्ष पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बना ली। वहीं इस मुकाबले में कांग्रेस को पछाड़कर निर्दलीय दूसरे नंबर पर है। 19 निर्दलीय प्रत्याशी विजेता रहे। निर्विरोध चुने गए प्रत्याशियों का यह करीब 25% है। इसमें सबसे पीछे कांग्रेस है। कांग्रेस के 14 प्रत्याशी ही निर्विरोध जीत तर्ज कर सके। प्रदेश के 309 निकायों में 10245 वार्डों पर चुनाव है। हालांकि बीजेपी-कांग्रेस ने करीब ढाई हजार सीटों पर प्रत्याशी खड़े नहीं किए हैं। बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीयों के अलावा किसी अन्य क्षेत्रीय या छोटी पार्टी (जैसे आरएलपी या बसपा) का खाता निर्विरोध सूची में नहीं खुल सका है। बेगूं और बिलाड़ा में बीजेपी का क्लीन स्वीप कुछ निकायों में बीजेपी ने एकतरफा दबदबा बनाया है। बेगूं नगरपालिका (चित्तौड़गढ़) में रिकॉर्ड 5 वार्डों (वार्ड 6, 7, 33, 34 और 35) में बीजेपी के उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है। इसी तरह बिलाड़ा नगरपालिका (जोधपुर) में 4 वार्डों (वार्ड 1, 6, 10 और 36) में बीजेपी के ही प्रत्याशी निर्विरोध पार्षद बन गए। इसी तरह बीकानेर के नापासर के वार्ड 20 और 24 में भी बीजेपी प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है। कांग्रेस की सीकर व रामगढ़ शेखावाटी में साख बची : कांग्रेस के लिए शेखावाटी अंचल राहत लेकर आया है। सीकर नगर परिषद के वार्ड 65 में माया और लक्ष्मणगढ़ के वार्ड 15 में मोहम्मद हारुन कुरैशी निर्विरोध जीते। वहीं रामगढ़ शेखावाटी (सीकर) के वार्ड 12 में सोफिया (कांगेस) ने जीत दर्ज की, हालांकि इसी निकाय के वार्ड 14 और 18 में बीजेपी ने भी सीटें झटकी हैं। सोफिया सबसे युवा, प्रवीण सबसे बुजुर्ग पार्षद : रामगढ़ शेखावाटी से कांग्रेस की सोफिया (22 वर्ष) व नागौर के बसनी से कांग्रेस की मोना बानो (23) सबसे युवा निर्विरोध पार्षद बनी। बानसूर से निर्दलीय मूलचंद वर्मा (68) और झुंझुनूं के मंड्रेला से कांग्रेस की प्रवीण (69) सबसे बुजुर्ग चुने गए।