कांग्रेस ने भीलवाड़ा के प्रभारी, जिला अध्यक्ष, कोऑर्डिनेटर से 17 सिंबल जमा नहीं होने की तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पूरे प्रदेश में जिन जिन निकायों में बगावत है, उनकी रिपोर्ट भी संबंधित निकाय प्रभारी से मांगी है। पीसीसी चीफ गोविंदसिंह डोटासरा ने बताया कि सबसे गंभीर प्रकरण भीलवाड़ा का है। इसकी रिपोर्ट 48 घंटे में मांगी है। गौरतलब है कि टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में कई जगह बगावत सामने आई है। एक दर्जन निकाय तो ऐसे हैं जिनमें कांग्रेस के प्रत्याशी ने मैदान छोड़ दिया, नामांकन ही वापस ले लिया या नामांकन रद्द हो गया। अब पार्टी बागियों को मनाने और डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। टिकट वितरण, सिंबल जमा नहीं कराने और लास्ट टाइम में प्रत्याशी बदलने जैसे कई मसलों पर रिपोर्ट तलब की है। पीसीसी चीफ ने विवाद वाले जिलों के प्रभारियों से तथ्यों के साथ रिपोर्ट मांगी है। जयपुर-कोटा सहित जिलों के प्रभारी से भी मांगी रिपोर्ट जयपुर, सांचौर और कोटा सहित कई जगह प्रदेश नेतृत्व को अंतिम समय में तय प्रत्याशी का नाम बदलने जैसी गंभीर शिकायतें मिली हैं। कई जगह टिकटों के बदले लेनदेन जैसी गंभीर शिकायतें हैं। पार्टी ने प्रभारियों को रिपोर्ट के साथ तलब किया है। अगले दो या तीन दिन के भीतर प्रभारियों को लिखित में रिपोर्ट पीसीसी चीफ को सौंपनी है। भीलवाड़ा में तो सिंबल जमा नहीं होने से 70 वार्ड में से कांग्रेस केवल 53 वार्डों में ही चुनाव लड़ पा रही है। कोटा की कलह तो राहुल गांधी के ऑफिस तक पहुंच गई।