सवाई माधोपुर के धमूण कला गांव में शुक्रवार को बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ा। श्मशान घाट का टीनशेड करीब दो साल से खराब है। इसके चलते बारिश से बचने के लिए ग्रामीणों ने तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। बारिश के कारण ग्रामीणों को पूरी प्रक्रिया के दौरान काफी परेशानी हुई। गुरुवार रात महिला की मौत ग्रामीणों के अनुसार धमूण कला निवासी दाखा देवी पत्नी स्वर्गीय कल्याण गुर्जर का गुरुवार देर रात निधन हो गया था। गांव में गुरुवार शाम से ही बारिश हो रही थी। अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों ने पहले बारिश रुकने का इंतजार किया, लेकिन बारिश नहीं रुकी। इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 10 से 10:30 बजे ग्रामीण शव को लेकर श्मशान घाट पहुंचे। बारिश में तिरपाल लगाकर की व्यवस्था श्मशान घाट पहुंचने के बाद बारिश के बीच अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया। श्मशान घाट पर बना टीनशेड लंबे समय से खराब पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से वहां चार पिल्लर और चबूतरा तो बना दिया गया है, लेकिन अभी तक इन पिल्लरों पर टीनशेड नहीं लगाया गया है। ऐसे में अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को बारिश से बचने के लिए तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीण बोले- जल्द लगाया जाए नया शेड ग्रामीण जयराम गुर्जर और भोलाराम गुर्जर ने बताया कि बारिश के कारण अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया में काफी परेशानी हुई। बारिश से बचने के लिए ग्रामीणों ने तिरपाल लगाकर किसी तरह व्यवस्था की। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट जैसी जरूरी सुविधा की अनदेखी से ऐसी स्थिति बन रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट के खराब टीनशेड को जल्द ठीक कराया जाए। साथ ही, जो चार पिल्लर और चबूतरा बनाए गए हैं, उन पर नया शेड लगाया जाए। इससे बारिश और गर्मी के मौसम में अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को परेशानी नहीं होगी।