अजमेर नगर निगम के वार्ड संख्या 3 और 4 में भाजपा के बागी निर्दलीय का कांग्रेस समर्थन करेगी। इसके लिए पूर्व में बनाई गई रणनीति के अनुसार ही कांग्रेस ने पार्टी प्रत्याशी घोषित नहीं किए। इस बात का खुलासा शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने दैनिक भास्कर ऐप से की बातचीत में किया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है और इस बार कांग्रेस बोर्ड बनाएगी। जयपाल ने कहा कि भाजपा के सीनियर लीडर ही भाजपा के खिलाफ हैं और घबराहट हो रही है। यही कारण है कि नगर निकाय जैसे चुनाव में भी वोट मांगने के लिए मुख्यमंत्री को आना पड़ रहा है। अब जानिए भास्कर से बातचीत में क्या बोले जिला अध्यक्ष सवाल- कांग्रेस ने जो वार्डों की लिस्ट जारी की, वो 78 वार्डों की थी। एक और खारिज हो गया, ऐसे में तीन वार्ड कांग्रेस के लिए खाली हो गए। दो को खाली क्यों छोड़ा और अब आगे क्या प्लान है? जवाब - ये कांग्रेस की रणनीति, स्ट्रेटेजी का एक पार्ट है। हमने जो वार्ड तीन और चार छोड़ा है, वो हमने हमारी सुविधा के हिसाब से, जिसमें हमने धर्मेंद्र गहलोत की वाइफ हेमा गहलोत हैं, उनको सपोर्ट किया है और वार्ड तीन में संध्या काबरा को सपोर्ट करेंगे। आगे इनको किस तरह से यूज करते हैं, ये हमारी सीक्रेट रणनीति है। वार्ड 41 में हमने दिनेश शर्मा जो कि निर्दलीय हैं, कांग्रेसी ही हैं, उनको हमने सपोर्ट दे दिया है। सवाल - कांग्रेस में गुटबाजी भी बार-बार देखने को मिलती है। कभी एक होते हैं, कभी दूर हो जाते हैं। इसको लेकर क्या रणनीति है और क्या प्रयास कर रहे हैं आप? जवाब - कांग्रेस बहुत बड़ा परिवार है, समुंदर की तरह। परिवार में भी भाई-भाई में भी थोड़ा-बहुत डिफरेंसेज आ जाते हैं। लेकिन आपने देखा होगा कि चाहे विजय जैन हों, हेमन्त भाटी हों, गोपाल बाहेती, महेंद्र सिंह रलावता , द्रौपदी कोली, रामचंद्र चौधरी, धर्मेंद्र राठौड़ सब मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। मिलकर इस बार पूरी लिस्ट बनाई है। हम सबने मिलके ही उसको अप्रूव किया है और जो जिताऊ कैंडिडेट हैं, उन्हीं को हमने टिकट दिया है। जहां तक महिला मोर्चा अध्यक्ष लक्ष्मी बुंदेल की बात है तो उनके लीगल प्रॉब्लम यह थी कि उनके खिलाफ एक क्रिमिनल केस था और वो पेंडिंग ही है, इसलिए नहीं दिया, नहीं तो उनका नाम था उस लिस्ट में। सवाल - जहां तक अजमेर का सवाल है, विगत 36 सालों से बीजेपी का बोर्ड बन रहा है। अब आप कह रहे हैं कि आपका बोर्ड बनेगा, तो किन उम्मीदों के भरोसे आप ऐसा कह रहे हैं? आपके कौन-कौन नेता यहां चुनाव प्रचार के लिए आ रहे हैं? जवाब - भाजपा पूरे खेमे में बिखरी हुई है। धर्मेन्द्र गहलोत अलग हुए हैं, काबरा अलग हुए हैं, जे.के. शर्मा भी इनके खिलाफ हैं। मतलब ऑल जो इनके सीनियर लीडर हैं, वो इनके खिलाफ कार्य कर रहे हैं। भाजपा में घबराहट है। घबराहट के कारण ही इनके मुख्यमंत्री को प्रचार के लिए बुलाना पड़ा। मतलब केवल एक नगर निगम के चुनाव में मुख्यमंत्री आ रहे हैं, यह शो करता है कि घबराहट है इनमें। जहां तक हमारा सवाल है, हम भी कोशिश यह करेंगे कि काउंटर करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट या कोई सीनियर लीडर आए। सवाल - कांग्रेस में बड़ी संख्या में बागी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं, उनके लिए क्या प्रोसेस है और क्या कर रहे हैं आप? जवाब - 3 तारीख को हमने करीबन 25 जो निर्दलीय थे, जो कांग्रेसी थे, उनको हमने बैठाया है। कुछ ऐसे हैं जो अभी भी खड़े हैं। लेकिन हम समझाइश कर रहे हैं। कुछ ने अपना सपोर्ट भी दे दिया कांग्रेस को और हमें पूर्ण विश्वास है कि ओवरऑल कांग्रेस ही जीतेगी। हमने उनको एक पत्र भी लिखा है और उसमें यही लिखा है कि जो कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी हैं, उनके सपोर्ट में रहें, अन्यथा PCC और AICC का जो रूल है, उसके तहत कार्रवाई हो सकती है। ……….. पढ़ें ये खबर भी… अजमेर में भाजपा के 17-कांग्रेस के 4 उम्मीदवार करोड़पति:कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आई मोनिका सबसे अमीर; एक प्रत्याशी ने जीरो दिखाई संपत्ति अजमेर में पार्षद का चुनाव लड़ रहे भाजपा-कांग्रेस के 156 उम्मीदवारों में से 21 उम्मीदवार करोड़पति हैं। इसमें भाजपा के 17 और कांग्रेस के 4 प्रत्याशी हैं। दोनों दलों में सबसे अमीर प्रत्याशी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई मोनिका जैन हैं। पूरी खबर पढें