धौलपुर के सैपऊ स्थित ऐतिहासिक महादेव मंदिर में सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रिमझिम बारिश के बावजूद सुबह 4 बजे मंगला आरती के समय से ही बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोले शंकर के शिवलिंग पर गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, शहद, पुष्प और शर्करा अर्पित की। सोरों और हरिद्वार से लाए गए गंगाजल की सहस्रधारा भी भगवान को चढ़ाई गई। गंगाजल चढ़ाने के लिए पाइप की व्यवस्था मंदिर के महंत लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि सावन के आखिरी सोमवार के दिन मंगला आरती के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु मंदिर पहुंचे है। गर्भगृह में भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए, इस बार बाहर से गंगाजल चढ़ाने के लिए पाइप की वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालु पाइपलाइन के माध्यम से शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर रहे थे, जबकि उनकी प्रसाद सामग्री भगवान को अर्पित कराई जा रही थी। जगह-जगह भंडारे लगे इस बार बड़ी संख्या में कावड़िए कावड़ लेकर पहुंचे। जगह-जगह भंडारे लगाए गए थे और 'बम भोले' के जयघोष से शिवालय गूंज रहे थे। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। सैपऊ महादेव मंदिर के साथ ही धौलपुर जिले के चोपड़ा मंदिर, अचलेश्वर महादेव मंदिर, भूतेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों पर भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।